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यूपी में कैसा रहेगा कल का मौसम? 20 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी किया अपडेट

Published: Mon, 28 Sep 2026 03:08 PM (IST)Updated: Mon, 28 Sep 2026 04:02 PM (IST)

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

  2. 20 जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी।

  3. किसानों को जल निकासी व सिंचाई टालने की विशेष सलाह।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने लो प्रेशर एरिया के कारण उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। इस मौसमी प्रणाली के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर केंद्रित होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है।

पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम

पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 34 सेमी, सीतापुर में 27 सेमी, बहराइच में 24 सेमी और बांदा में 23 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में 21 सेमी, महोबा व शाहजहांपुर में 19-19 सेमी तक अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई है।

पूर्वी यूपी के इन जिलों में आंधी तूफान की चेतावनी

बहराइच, फर्रुखाबाद, गोंडा, हरदोई, कानपुर शहर, कानपुर देहात, खीरी, श्रावस्ती, उन्नाव, सीतापुर और कन्नौज में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

पश्चिमी यूपी में ऐसा रहेगा मौसम का हाल

बदायूं, बरेली, एटा, इटावा, फ़िरोज़ाबाद, कासगंज, मैनपुरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, रामपुर और मुरादाबाद में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है।

कई जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में अचानक बाढ़ आने की कम से मध्यम चेतावनी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वह नदियों और नहरों के आसपास न जाएं।

किसानों और आम जनता के लिए सलाह

मौसम विभान ने किसानों को सलाह दी है कि वे धान, मक्का, अरहर, तिल और गन्ने जैसी खड़ी फसलों के खेतों में जलजमाव न होने दें और जल निकासी का उचित प्रबंध करें। जब तक स्थिति सामान्य न हो, तब तक सिंचाई, खाद व कीटनाशकों के छिड़काव को टालने की सिफारिश की गई है।

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