लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र बुधवार से होगा। इसमें सरकार के चालू वित्तीय वर्ष के दूसरे अनुपूरक बजट और लेखानुदान पर भी सदन की मुहर लगेगी। सरकार इस सत्र में तीन विधेयक भी पारित कराएगी। इसको लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने मंगलवार को लखनऊ में विधान भवन में सर्वदलीय बैठक भी बुलाई।

विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्य सरकार चालू वित्तीय वर्ष के लिए दूसरा अनुपूरक बजट, अगले वित्तीय वर्ष का अंतरिम बजट और शुरुआती चार महीनों के जरूरी खर्चों से निपटने के लिए लेखानुदान पेश करेगी। इसके अलावा सरकार तीन अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक भी विधानमंडल सत्र में पेश करेगी। शीतकालीन सत्र एक तरह से सत्रहवीं विधानसभा का अंतिम सत्र माना जा रहा है। 15 दिसंबर से शुरू होने वाले तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र का एजेंडा विधायकों को जारी कर दिया गया हैै। बीती 18 अक्टूबर को विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष व आजमगढ़ की दीदारगंज सीट से बसपा के विधायक रहे सुखदेव राजभर के निधन की कारण शीतकालीन सत्र के पहले दिन शोक प्रस्ताव के बाद विधान सभा की कार्यवाही स्थगित हो जाएगी। 16 दिसंबर को सुबह 11 बजे सरकार सदन में चालू वित्तीय वर्ष के लिए दूसरा अनुपूरक बजट पेश करेगी। वित्तीय वर्ष 2022-23 का अंतरिम बजट और पहले चार महीनों के लिए लेखानुदान भी प्रस्तुत करेगी। जिन तीन तीन अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयक सदन में पेश किये जाएंगे उनमें उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर संशोधन अध्यादेश 2021, उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान (संशोधन) अध्यादेश 2021 और उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) अध्यादेश 2021 शामिल हैं। 17 दिसंबर को दूसरे अनुपूरक बजट, लेखानुदान व तीनों प्रतिस्थानी विधेयकों को पारित किया जाएगा।

विधान भवन में मंगलवार को विधानसभा की सर्वदलीय बैठक सम्पन्न हुई। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित तथा उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल की मौजूदगी में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक सम्पन्न हो गई। हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि कल से विधानसभा का सत्र है। इस बार का सत्र तीन दिन का बुलाया गया है। इसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा जाएगा। सदन में दूसरे दिन अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इस दौरान कार्य मंत्रणा समिति और सुरक्षा संबंधी बैठक भी सम्पन्न हो गई।  

Edited By: Dharmendra Pandey