यूपी की 762 नगरीय निकायों की चमकेगी किस्मत, 33500 करोड़ पाने के लिए अधिकारियों को पूरा करना होगा ये टास्क
उत्तर प्रदेश के 762 नगरीय निकायों को 16वें वित्त आयोग से मिलने वाले 33,500 करोड़ रुपये के अनुदान की प्रक्रिया समझाई जाएगी।

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HighLights
16वें वित्त आयोग से 33,500 करोड़ रुपये का अनुदान।
यूपी के 762 नगरीय निकायों को मिलेगा प्रशिक्षण।
जल, सफाई, कूड़ा प्रबंधन हेतु अनुदान का उपयोग।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। 16वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाले अनुदान को हासिल करने की प्रक्रिया अब प्रदेश के नगरीय निकायों को समझाई जाएगी। केंद्र सरकार इसके लिए प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों के अधिकारियों को प्रशिक्षण देगी।
18 सितंबर शुक्रवार को तीन चरणों में होने वाली आनलाइन कार्यशाला में नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के अधिकारियों को अनुदान के लिए जरूरी शर्तों, प्रक्रिया और तैयारियों की जानकारी दी जाएगी।
16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों में प्रदेश के नगरीय निकायों को 33,500 करोड़ रुपये मिलने हैं। इससे नगरीय निकाय पानी, सफाई, कूड़ा प्रबंधन, नाली और दूसरी स्थानीय सुविधाएं विकसित करेंगे। अनुदान राशि पाने के लिए निकायों को पूरी प्रक्रिया आनलाइन करनी होगी।
क्यों हो रही कार्यशाला?
इसी प्रक्रिया को समझाने के लिए यह कार्यशाला हो रही है। इसका उद्देश्य निकायों को वित्त आयोग के अनुदान के लिए आवश्यक औपचारिकताओं और प्रक्रिया से समय रहते परिचित कराना है, ताकि अनुदान प्राप्त करने में किसी तरह की कमी न रह जाए।
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नगरीय निकाय निदेशालय ने सभी निकायों को निर्धारित समय पर वीडियो कांफ्रेंसिंग में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करने के निर्देश दिए हैं। प्रशिक्षण में निकायों को अनुदान के लिए आनलाइन आवेदन के लिए जरूरी शर्तों की जानकारी दी जाएगी।
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साथ ही यह भी बताया जाएगा कि अनुदान का उपयोग किन कार्यों में किया जा सकेगा और उसके लिए निकायों को किस तरह की तैयारी करनी होगी। शासन की कोशिश है कि वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि का समयबद्ध और प्रभावी उपयोग हो तथा निकायों को अनुदान प्राप्त करने में तकनीकी या प्रक्रियागत अड़चन का सामना न करना पड़े।
