यूपी परिवहन निगम का बड़ा फैसला, अब सीधे कॉन्ट्रैक्ट पर रखे जाएंगे आउटसोर्स ड्राइवर
यूपी परिवहन निगम अब आउटसोर्स के माध्यम से काम कर रहे परिचालकों को सीधे अपने अनुबंध पर रखेगा। यह सुविधा पहले चरण में मौजूदा परिचालकों को मिलेगी।

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HighLights
आउटसोर्स परिचालकों को सीधे निगम के अनुबंध पर रखा जाएगा।
मौजूदा परिचालकों को पहले चरण में इसका लाभ मिलेगा।
सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण और सिक्योरिटी राशि अनिवार्य होगी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। परिवहन निगम में आउटसोर्स के माध्यम से काम कर रहे परिचालकों को अब सीधे निगम से अनुबंध पर रखने की तैयारी है। पहले चरण में मौजूदा आउटसोर्स परिचालकों को ही इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। सीधे अनुबंध पर रखे जाने वाले परिचालकों को निगम में प्रचलित अन्य सुविधाएं और सेवाएं भी मिलेंगी।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार ऐसे परिचालक जो वर्तमान में आउटसोर्स के माध्यम से काम कर रहे हैं और कदाचार, भ्रष्टाचार या किसी अन्य कारण से एजेंसी को वापस नहीं किए गए हैं, उन्हें सीधे अनुबंध पर रखा जा सकेगा। इसके लिए उन्हें सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। हालांकि आउटसोर्स के रूप में पहले की गई सेवा का कोई लाभ नहीं मिलेगा।
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जिन सेवा प्रदाताओं का अनुबंध 31 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है, उनके यहां कार्यरत परिचालकों से एक नवंबर से संविदा परिचालक के रूप में काम लिया जाएगा। इसी तरह 31 जनवरी को अनुबंध पूरा होने वाले सेवा प्रदाताओं के परिचालकों से एक फरवरी से निगम संविदा परिचालक के रूप में काम लेगा।
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परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह ने बताया कि सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को इस संबंध में जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। समायोजित होने वाले परिचालकों के वेतन, ईपीएफ, ईएसआई और जीएसटी समेत सभी बकाये का भुगतान समय से करना होगा। इसके बाद उनकी प्रतिभूति राशि लौटाकर एनओसी ली जाएगी और अदेयता प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
