नाइट विजन कैमरों से निगरानी और AI से होगी टूरिस्टों की गिनती; यूपी के 60 जिलों में लागू होगी नई व्यवस्था
उत्तर प्रदेश में पर्यटकों की संख्या और अर्थव्यवस्था पर उनके प्रभाव का आकलन करने के लिए दिसंबर से एआई आधारित ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
दिसंबर से एआई आधारित पर्यटक गणना शुरू करने के निर्देश।
पर्यटकों की गिनती के लिए प्रमुख स्थलों पर नाइट विजन कैमरे लगेंगे।
जीएसटी आंकड़ों से पर्यटन के आर्थिक असर का आकलन किया जाएगा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में पर्यटकों की आमद में बढ़ाेतरी और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे उसके असर के आकलन की कवायद तेज होने जा रही है। पर्यटकों की गिनती के लिए एआइ का उपयोग होगा। पर्यटन मंत्री ने इसमें अब तक हुई देरी पर नाराजगी जताई है और दिसंबर से एआइ के माध्यम से पर्यटक गणना शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आर्थिक असर परखने के लिए जीएसटी के तहत 51 सेवा श्रेणियों के आंकड़ों के माध्यम से पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों का आकलन शुरू कर दिया है।
पर्यटन मंत्री ने मंगलवार को पर्यटन भवन में एक ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था के लिए विभाग के लक्ष्यों पर बैठक में कहा कि सभी कार्ययोजनाओं का परिणाम धरातल पर दिखना चाहिए। डेलायट संस्था से कहा कि पिछले दो साल में प्रगति संतोषजनक नहीं है। एआइ आधारित पर्यटन गणना व्यवस्था 15 नवंबर तक हर हाल में लागू हो, ताकि दिसंबर से पर्यटकों की गिनती शुरू हो सके।
इसके लिए प्रमुख तीर्थ स्थलों आदि पर नाइट विजन कैमरे लगाए जाएं। प्रदेश में रेस्टोरेंट- ढाबों की संख्या भी एकत्रित की जाए। प्रदेश के 14 सर्किट के वास्तविक आंकड़े और पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी पर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
44,240 करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव
डेलायट की ओर से प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि जीएसटी की वर्ष 2025-26 में आवास, फूड सर्विस और वाहन किराये से जुड़ी श्रेणियों में रेस्टोरेंट और कैफे, सबसे बड़ा कारोबार वर्ग बनकर सामने आया। वहीं वर्ष 2023-24 में 205 होटल भवन प्लान की मंजूरी मिली थी, जो वर्ष 2024-25 में 299 और वर्ष 2025-26 में 421 हो गई। वर्ष 2023 से अब तक होटल, बजट आवास, रिसार्ट आदि पर्यटन कारोबारों से जुड़े 44,240 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं।
अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि जिला स्तर पर पर्यटकों की गतिविधियों का आकलन केवल एक प्रमुख धार्मिक स्थल को आधार बनाकर नहीं किया जा सकता। इसके लिए अलग-अलग तरह के पर्यटक आकर्षण वाले कम से कम चार स्थलों को आकलन में शामिल किया जाए।
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मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने अधिकारियों से अयोध्या सहित अन्य जगह पर्यटकों की बढ़ोतरी के कारण शहर में पैदा हो रही कारोबारी गतिविधियों और आर्थिक अवसरों का आकलन करने को कहा। बैठक में कहा गया कि अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान उद्घाटन के लिए तैयार नए होटलों को आयोजन के दौरान शुरू कराया जाए। बाबा नीब करौरी सर्किट और कालिंजर किले को पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने पर भी चर्चा हुई।
