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उत्तर प्रदेश में होम्योपैथिक दवाओं की खरीद में बड़ा घोटाला, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्यों और अधिकारियों को नोटिस

Published: Sun, 18 Oct 2026 07:14 AM (IST)Updated: Sun, 18 Oct 2026 07:17 AM (IST)

निदेशालय ने टेंडर की शर्तों में फेरबदल कर खास फर्मों को फायदा पहुंचाने के मामलों की जांच के आदेश दिए ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. दवा खरीद दरों में छह गुना तक अंतर मिला।

  2. प्राचार्यों व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी।

  3. जेम पोर्टल से ही होगी सभी दवाओं की खरीद।

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। दवाओं की खरीद दरों में दो से छह गुना तक अंतर मिलने पर राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कालेजों के प्राचार्यों और जिला होम्योपैथी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। टेंडर की शर्तों में फेरबदल कर खास फर्मों को फायदा पहुंचाने के मामलों की जांच के भी आदेश दिए गए हैं।

निदेशालय ने सभी जिलों और मेडिकल कालेजों में जेम पोर्टल के माध्यम से ही दवाओं की खरीद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, बजट उपलब्ध होने के बावजूद समय से खरीद नहीं करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा है।

जेम पोर्टल से ही होगी खरीद, टेंडर की शर्तों में फेरबदल की जांच

दवाओं की खरीद दरों में अंतर की शिकायतें निदेशालय को पिछले कई वर्षों से मिल रही थी, जिसकी जांच में '1 एम डाइल्यूशन' समेत कई अन्य दव की खरीद दर में छह गुना तक का अंतर पाया गया है। होम्योपैथी निदेशक डा. प्रमोद कुमार सिंह ने सभी जिला होम्योपैथी अधिकारियों और मेडिकल कालेजों के प्राचार्यों को पत्र भेजकर दवाओं की खरीद में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। खरीद में किसी तरह की दिक्कत होने पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग के जिला स्तरीय महाप्रबंधक से सुझाव लेने को कहा गया है।

दवा खरीद में देरी करने वाले अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी

जेम पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीद के लिए एमएसएमई विभाग का जिला स्तरीय अधिकारी नोडल अधिकारी होता है। निदेशक ने बजट उपलब्ध होने के बावजूद समय से दवाओं की खरीद नहीं करने वाले जिलों के अधिकारियों को भी नोटिस जारी किए हैं। खरीद में देरी के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। नियमों की अनदेखी या लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

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