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यूपी में सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर जोर, AI और डेटा के इस्तेमाल से विकास के ढांचे को बेहतर करेगी सरकार

Published: Thu, 17 Sep 2026 08:50 AM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा के इस्तेमाल को बढ़ावा देगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ। (तस्वीर- फाइल)

सीएम योगी आदित्यनाथ। (तस्वीर- फाइल)

HighLights

  1. स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा में एआई, डेटा का उपयोग बढ़ेगा।

  2. सरकारी योजनाओं के परिणामों को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

  3. सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति पर विशेष जोर दिया गया।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सरकार स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के विकास में एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डेटा के इस्तेमाल को बढ़ावा देगी। तकनीक और नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए सरकारी योजनाओं के परिणामों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा।

बुधवार को होटल क्लार्क्स अवध में शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों को गति विषय पर आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) इन क्षेत्रों के विकास में अहम भूमिका निभा सकती है।

प्रमुख सचिव, नियोजन आलोक कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रमुख आधार हैं। नवाचारों को साझा कर प्रभावी रणनीतियां तैयार की जा सकती हैं। डेटा और प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से सरकारी योजनाओं के परिणामों को और बेहतर बनाया जा सकता है।

स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करते हुए अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए डेटा और तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया।

बाल विकास एवं पुष्टाहार की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के लिए आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। नीति आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. वीके पॉल ने स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा में निवेश को मानव विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कार्यशाला में बच्चों में कम वजन, शारीरिक विकास में कमी, शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सतत विकास लक्ष्यों की आधारशिला बताया।

प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरि ओम ने शिक्षा के साथ कौशल विकास को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं के लिए रोजगार और बेहतर अवसरों के रास्ते खुलेंगे।

स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, बच्चों को विद्यालयों में बनाए रखने, डिजिटल कौशल विकसित करने और सीखने के बेहतर परिणाम हासिल करने से जुड़े विषयों पर भी मंथन हुआ। चौथी औद्योगिक क्रांति के अनुरूप कौशल, रोजगार और करियर में हो रहे बदलावों पर प्रो. बलवंत सिंह मेहता ने विचार रखे। इस दौरान व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े सतत विकास लक्ष्यों को गति देने के उपायों पर भी चर्चा की गई।

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