यूपी में पर्यटकों के लिए 15 दिन पहले खुल जाएंगे टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क, जंगल सफारी की तैयारी भी पूरी
उत्तर प्रदेश के टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए 15 दिन पहले खुल रहे हैं। इससे सैलानियों को ...और पढ़ें

यह फोटो टाइगर रिजर्व पीलीभीत के आधिकारिक वेबसाइट से ली गई है।
HighLights
यूपी के टाइगर रिजर्व 1 नवंबर से खुलेंगे।
पर्यटकों को जंगल सफारी का अतिरिक्त समय मिलेगा।
वन मंत्री दुधवा नेशनल पार्क में करेंगे उद्घाटन।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। वन्यजीवों की रोमांचक दुनिया देखने के लिए सैलानियों का इंतजार खत्म हो रहा है। प्रदेश के टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क एक नवंबर रविवार से पर्यटकों के लिए खुल जाएंगे। पहले पर्यटन सत्र की शुरुआत सामान्य तौर पर 15 नवंबर से होती थी। इस बार सत्र पहले शुरू होने से पर्यटकों को जंगल सफारी और वन्यजीवों को करीब से देखने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।
प्रदेश में दुधवा नेशनल पार्क, पीलीभीत टाइगर रिजर्व, कतर्नियाघाट और चित्रकूट का रानीपुर टाइगर रिजर्व प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थल हैं। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक जंगल सफारी और वन्यजीवों काे देखने पहुंचते हैं।
15 जून से बंद हो जाते हैं नेशनल पार्क
मानसून सीजन में वन्यजीवों और जंगल के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क 15 जून से 14 नवंबर तक के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
बारिश के दौरान जंगल की कच्ची सड़कें खराब हो जाती हैं और कई जगह रास्ते कट जाते हैं। साथ ही इस दौरान वन्यजीवों के प्रजनन और प्राकृतिक गतिविधियों को देखते हुए पर्यटकों की आवाजाही रोक दी जाती है।

मानसून के बाद सड़कों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर आमतौर पर 15 नवंबर से पर्यटन गतिविधियां शुरू होती हैं। सरकार ने पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी पर्यटन सत्र 15 दिन पहले शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत वन विभाग ने तैयारियां भी शुरू कर दी थी।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव अनुराधा वेमूरी ने बताया पर्यटन सत्र का शुभारंभ वन मंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना रविवार को दुधवा नेशनल पार्क से करेंगे। उन्होंने बताया कि पर्यटन सत्र के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। पर्यटकों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

वानिकी विश्वविद्यालय का शिलान्यास कार्यक्रम टला
गोरखपुर में प्रस्तावित प्रदेश के पहले वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय का शिलान्यास कार्यक्रम फिर टल गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दो नवंबर को इसका शिलान्यास करना था, किंतु उन्होंने इसे स्थगित कर दिया है। अब दीपावली के बाद ही इसका शिलान्यास होने की उम्मीद है।
कैंपियरगंज क्षेत्र में करीब 50 हेक्टेयर भूमि पर बनने वाले इस विश्वविद्यालय के निर्माण पर 491 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने हैं। यहां वानिकी से लेकर जलवायु परिवर्तन तक की पढ़ाई कराई जाएगी।
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