अयोध्या, [रविप्रकाश श्रीवास्तव]। उप्र. शिक्षक पात्रता परीक्षा में सेंध लगाने वाले साल्वर उत्तराखंड टीईटी में भी शामिल हुए थे। यह सच्चाई अयोध्या में गिरफ्तार किए गए साल्वर रमेश कुमार ने एसटीएफ को उपलब्ध कराई है।

रमेश के पास से उत्तराखंड विद्यालय शिक्षा परिषद रामनगर नैनीताल वर्ष 2021 का प्रवेश पत्र भी बरामद हुआ है। रमेश के मोबाइल की गैलरी में मिला प्रवेश पत्र पप्पू आर्या के नाम है, जिस पर रमेश कुमार की फोटो लगाई गई है। जांच से जुड़े एक अधिकारी की मानें तो एसटीएफ की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में इसका स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि गत 26 नवंबर को उत्तराखंड में हुई टीईटी परीक्षा में रमेश कुमार पप्पू आर्या की जगह परीक्षा दे रहा था।

यह जानकारी चौंकाने वाली है, जिस पर गंभीरता से हुई जांच बड़ा राजफाश कर सकती है। रमेश के पास से मिले प्रवेश पत्र व अन्य साक्ष्यों को एसटीएफ ने कोतवाली नगर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। रमेश कुमार का बयान सच है तो उत्तराखंड टीईटी की भी शुचिता पर सवाल खड़ा हो गया है। एएसपी पलाश बंसल का कहना है कि एसटीएफ की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी व उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। उत्तराखंड परीक्षा को लेकर अभियुक्त की ओर से दी गई जानकारी पर भी जांच कराई जाएगी।

अयोध्या के पांच केंद्रों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा दे रहे थे साल्वर : टीईटी में जिले के पांच परीक्षा केंद्रों पर साल्वर परीक्षा दे रहे थे, जिसमें एक गुरुनानक कालेज भी है, जहां से एसटीएफ ने साल्वर संदीप वर्मा को गिरफ्तार किया था। संदीप यहां उमानंद के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। संदीप को गिरफ्तार करने के बाद एसटीएफ ने कालेज के बाहर मौजूद उमानंद को भी गिरफ्तार करने का प्रयास किया, लेकिन कार्रवाई की भनक लगते ही वह रफूचक्कर हो गया। इसी तरह अन्य चार केंद्रों पर रंजीत कुमार की जगह अमन सि‍ंह, अंकित कुमार की जगह धर्मदास, अनूप की जगह संतोष तिवारी व प्रबल सि‍ंह चौहान के स्थान पर अजीत वर्मा साल्वर रहे। इन लोगों तक एसटीएफ पहुंचती इससे पहले टीईटी रद होने की अधिकृत सूचना परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गई और अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों से मुक्त कर दिया गया।

निराशा और आक्रोश के बीच केंद्र से निकले परीक्षार्थियों की भीड़ में साल्वर भी केंद्र से निकल गए। शिक्षक पात्रता परीक्षा में अयोध्या आए साल्वर संदीप वर्मा और महेश के संपर्क में थे। संदीप सहित उसके सहयोगी रमेश और महेश को गिरफ्तारी के बाद पुलिस के लिए अब नामजद 17 अभियुक्तों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। अभियुक्तों के पास मिले फर्जी आधार कार्ड व मतदाता पहचान पत्र यह संकेत देते हैं कि इस गिरोह की साठगांठ साइबर अपराधियों से भी है।

Edited By: Anurag Gupta