टारगेट लिया पर युवाओं को नहीं दी ट्रेनिंग, UP कौशल विकास मिशन 237 डिफॉल्टर संस्थाओं पर लेगी बड़ा एक्शन
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने युवाओं को प्रशिक्षण न देने वाली लापरवाह संस्थाओं पर सख्त कार्रवाई की है। मिशन ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
यूपी कौशल विकास मिशन ने लापरवाह प्रशिक्षण प्रदाताओं को नोटिस दिए।
237 संस्थाएं तीन साल से निष्क्रिय, 17 ने प्रशिक्षण शुरू नहीं किया।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। युवाओं को हुनर सिखाने के लिए लक्ष्य तो लिया, लेकिन प्रशिक्षण शुरू नहीं किया। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने ऐसी लापरवाही पर सख्ती करते हुए प्रशिक्षण प्रदाताओं को नोटिस जारी किए हैं। प्रोजेक्ट प्रवीण में पांच संस्थाओं ने एक भी छात्र का नामांकन नहीं किया, जबकि करीब 237 प्रशिक्षण प्रदाता तीन साल से मिशन के काम से दूर हैं। वहीं, 17 संस्थाओं ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में लक्ष्य मिलने के बाद भी प्रशिक्षण शुरू नहीं किया।
मिशन ने सभी से सात दिन में जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई होगी। इससे प्रशिक्षण के नाम पर लक्ष्य लेकर काम नहीं करने वाली संस्थाओं की जवाबदेही तय होगी और युवाओं को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था दुरुस्त करने में मदद मिलेगी।
समीक्षा बैठकों में भी प्रगति मिली शून्य
मिशन निदेशक पुलकित खरे की ओर से जारी नोटिस में प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत पांच संस्थाओं की लापरवाही का उल्लेख है। इनमें ह्यूमन वेलफेयर आर्गनाइजेशन, फ्रास्टीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (डीडीयू-जीकेवाई), कुमुद फाउंडेशन, नेशनल इंस्टीट्यूट फार टेक्निकल ट्रेनिंग और वीर सुभाष चंद्र बोस सेवा संस्थान शामिल हैं। इन्हें प्रशिक्षण लक्ष्य दिए गए थे, लेकिन 90 दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी किसी छात्र का नामांकन नहीं हुआ। समीक्षा बैठकों में भी प्रगति शून्य मिली।
करीब 237 प्रशिक्षण प्रदाता पिछले तीन वर्षों से मिशन के काम में सक्रिय नहीं हैं। इस दौरान न तो उन्हें प्रशिक्षण लक्ष्य आवंटित हुआ और न ही उन्होंने मिशन की गतिविधियों में भाग लिया। मिशन ने इसे अनुबंध की शर्तों और योजना के उद्देश्यों के विपरीत माना है।
इनसे भी निष्क्रिय रहने का कारण पूछा गया है। तीसरी श्रेणी में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक अप्रैल को लक्ष्य पाने वाले 17 प्रशिक्षण प्रदाता हैं। इन्हें 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण देना था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी इन्होंने प्रशिक्षण केंद्रों पर काम शुरू नहीं किया।
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तीनों श्रेणियों के प्रशिक्षण प्रदाताओं को सात दिन में मिशन मुख्यालय में लिखित जवाब देना होगा। मिशन का इसके माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था में जवाबदेही और युवाओं के लिए तय कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है।
