नई व्यवस्था बनी रोड़ा: यूपी में 53 जिलों के शिक्षामित्रों को धनतेरस पर नहीं मिल सका अक्टूबर का मानदेय
नई प्रशासनिक भुगतान प्रणाली की जटिलता के कारण उत्तर प्रदेश के 53 जिलों के शिक्षामित्रों को धनतेरस पर अक्टूबर का ...और पढ़ें

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HighLights
53 जिलों के शिक्षामित्रों को धनतेरस पर मानदेय नहीं मिला।
नई एसएनए स्पर्श प्रणाली से भुगतान प्रक्रिया जटिल हुई।
पहले पीएफएमएस पोर्टल से भुगतान 24 घंटे में होता था।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। नई प्रशासनिक भुगतान प्रणाली की जटिल प्रक्रिया और धीमी गति के कारण प्रदेश के 53 जिलों के शिक्षामित्रों को धनतेरस पर अक्टूबर का मानदेय नहीं मिला। शुक्रवार को 22 जिलों में ही मानदेय खातों में पहुंचा। शेष जिलों के शिक्षामित्र शनिवार तक भुगतान होने की उम्मीद लगाए हैं।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश महामंत्री सुशील यादव ने बताया कि पहले शिक्षामित्रों का मानदेय पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से भेजा जाता था। बीएसए कार्यालय से बिल बैंक पहुंचने के बाद 24 घंटे के भीतर मानदेय शिक्षामित्रों के खातों में आ जाता था।
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सितंबर से नई भुगतान व्यवस्था एसएनए स्पर्श लागू होने के बाद प्रक्रिया जटिल और लंबी हो गई है। इसी वजह से भुगतान में देरी हो रही है।