विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बुजुर्ग माता-पिता पर अत्याचार करने वाली संतान होगी संपत्ति से बेदखल, योगी सरकार का बड़ा फैसला

Published: Wed, 26 Aug 2026 09:49 AM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को दुर्व्यवहार करने वाले बच्चों को संपत्ति से बेदखल करने की अनुमति दी है। ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। यूपी में देखभाल न करने वाले या अत्याचार करने वाले बच्चों को अब वृद्ध माता-पिता अपनी संपत्ति से आसानी से बेदखल कर सकेंगे।

प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मानजनक जीवन और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए ‘उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014’ में संशोधन करते हुए नियम 22 में नियम 22-क, 22-ख और 22-ग जोड़ने का निर्णय लिया है।

मंगलवार को कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। प्रदेश में केंद्र सरकार का माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम 2007 लागू है। इसे प्रदेश में वर्ष 2012 से लागू किया गया था और वर्ष 2014 में इसकी नियमावली जारी की गई थी।

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला

पूर्व में प्रदेश में गठित राज्य सप्तम विधि आयोग ने इस नियमावली में तीन संशोधनों की सिफारिश चार दिसंबर 2020 को की थी। विधि आयोग ने वर्ष 2014 में बनी नियमावली को केंद्रीय अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं माना था। विधि आयोग ने नियमावली के नियम 22 में तीन और नियम 22-क, 22-ख व 22-ग बढ़ाने की सिफारिश की थी।

कैबिनेट से स्वीकृत नए प्रविधानों के तहत यदि किसी भी वरिष्ठ नागरिक की संतान या उनके अन्य आश्रित रिश्तेदार उनका भरण-पोषण नहीं कर रहे हैं या उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार कर रहे हैं तो पीड़ित बुजुर्ग उन्हें अपनी संपत्ति (स्व अर्जित संपत्ति) से बेदखल कर सकेंगे।

शिकायतों की 30 दिनों में होगी सुनवाई

ऐसे मामलों में जिला स्तरीय भरण-पोषण अधिकरण के समक्ष शिकायत की जा सकेगी और उन्हें इस प्रकार के सभी मामलों की मासिक रिपोर्ट सरकार को देनी होगी। शिकायतों की सुनवाई 30 दिन के अंदर की जाएगी, ताकि बुजुर्गों को न्याय के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।

अगर वरिष्ठ नागरिक स्वयं आवेदन करने में असमर्थ हैं तो कोई संस्था भी उनकी ओर से ऐसा आवेदन दाखिल कर सकती है। अधिकरण को यह अधिकार होगा कि वे बेदखली का आदेश जारी कर सकें।

यदि कोई व्यक्ति आदेश जारी होने से 30 दिनों के अंदर वरिष्ठ नागरिक की संपत्ति से बेदखली आदेश को नहीं मानता है तो अधिकरण उस संपत्ति पर पुलिस की मदद से कब्जा कर सकता है।

पुलिस को भी जारी किए निर्देश

संबंधित पुलिस भी बेदखली आदेश का पालन कराने के लिए बाध्य होगी। अधिकरण ऐसी संपत्ति को बुजुर्ग को सौंप देगा। जिला मजिस्ट्रेट अगले माह की सात तारीख तक ऐसे मामलों की मासिक रिपोर्ट सरकार को भेजेंगे।

वहीं अधिकरण के आदेश के खिलाफ वरिष्ठ नागरिक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित अपीलीय अधिकरण में अपील कर सकते हैं।

सरकार जल्द जारी करेगी टोल फ्री नंबर

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि बुजुर्गों को इस व्यवस्था का लाभ आसानी से मिल सके, इसके लिए बेदखली की प्रक्रिया को स्पष्ट और समयबद्ध बनाया गया है।

जल्द ही सरकार एक टोल फ्री नंबर भी जारी करेगी, ताकि यदि कोई वरिष्ठ नागरिक स्वयं जाकर शिकायत करने में सक्षम न हो तो उसे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

यह भी पढ़ें- मैनपुरी के समान पक्षी विहार को मिला नया नाम, मयन ऋषि पक्षी विहार; योगी सरकार का निर्णय