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यूपी के स्कूलों में स्वच्छता और हरित परिवेश की नई मिसाल, SHVR में कानपुर देहात अव्वल

Published: Mon, 05 Oct 2026 04:57 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में 1.62 लाख से अधिक स्कूलों ने स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2026-27 के मानकों को सफलतापूर्वक ...और पढ़ें

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HighLights

  1. 1.62 लाख से अधिक स्कूलों ने SHVR मानक पूरे किए।

  2. कानपुर देहात ने प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।

  3. स्वच्छता, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन पर छात्रों को जागरूक करना।

डिजिटल टीम, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की स्कूली शिक्षा प्रणाली को केवल बुनियादी साक्षरता तक सीमित न रखकर स्वच्छता, हरित परिवेश और पर्यावरणीय चेतना से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। 'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग' (SHVR) 2026-27 के तहत प्रदेशभर के 1,62,054 विद्यालयों ने सभी मानकों को पूरा करते हुए अपनी सफल सहभागिता दर्ज कराई है। प्रदेश के कुल 2.66 लाख स्कूलों में से 1.86 लाख से अधिक विद्यालयों ने इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया, जिसके चलते उत्तर प्रदेश का अंतिम पूर्णता प्रतिशत 60.83 प्रतिशत दर्ज किया गया है। 

कानपुर देहात ने मारी बाजी, मुजफ्फरनगर और भदोही भी चमके

एसएचवीआर (SHVR) 2026-27 के जनपदवार प्रदर्शन में कानपुर देहात पूरे राज्य में शीर्ष स्थान पर रहा। जिले के कुल 2,876 विद्यालयों में से 2,392 स्कूलों (83.17%) ने रेटिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

टॉप-3 जनपद: कानपुर देहात (83.17%) पहले, मुजफ्फरनगर (82.24%) दूसरे और भदोही (77.62%) तीसरे स्थान पर रहे।

टॉप-5 की दौड़: कौशांबी (75.22%) ने चौथा और ललितपुर (73.78%) ने पांचवां स्थान हासिल किया

टॉप-10 में जगह बनाने वाले अन्य जिले: बाराबंकी (73.52%), रामपुर (71.90%), मऊ (71.50%), बुलंदशहर (70.25%) और सहारनपुर (68.90%) शामिल हैं।
 
बेसिक शिक्षा के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि स्वच्छ एवं हरित विद्यालय स्वस्थ और जागरूक पीढ़ी की आधारशिला हैं। एसएचवीआर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में स्वच्छता, हरित परिवेश और पर्यावरणीय चेतना को और मजबूत किया जा रहा है।

1.86 लाख स्कूलों में शुरू हुई प्रक्रिया, 1.79 लाख का हुआ रजिस्ट्रेशन

प्रदेश के कुल 2,66,408 पात्र विद्यालयों में से 1,86,196 स्कूलों ने सहभागिता शुरू की और 1,79,793 विद्यालयों ने पोर्टल पर अपना आधिकारिक पंजीकरण कराया। इनमें से 1.62 लाख से अधिक स्कूलों ने रेटिंग के लिए निर्धारित सभी मानदंडों को समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया।
 
पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सभी जनपदों में इस अभियान का व्यापक असर देखा गया। वाराणसी (67.58%), मिर्जापुर (68.29%), सोनभद्र (68.51%) और गोरखपुर (60.83%) जैसे जिलों में भी स्कूलों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। 

 
स्कूल शिक्षा की महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा कि एसएचवीआर विद्यालयों को स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों के प्रति सक्रिय बनाने का प्रभावी माध्यम है। इतनी व्यापक सहभागिता से प्रदेश के शिक्षा तंत्र में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

बच्चों में बढ़ेगी पर्यावरण और स्वच्छता की समझ

'स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग' का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को छोटी उम्र से ही स्वच्छता, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, वृक्षारोपण और ऊर्जा संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना है। इस पहल के माध्यम से विद्यालयों को इन मानकों पर स्व-मूल्यांकन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।