मासिक धर्म नहीं बनेगा पढ़ाई में बाधा, योगी सरकार ने 66 हजार से अधिक स्कूलों में बनाए 'पैड बैंक'
सरकार बेटियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा को बढ़ावा देने के लिए विद्यालयों में मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन (एमएचएम) को मजबूत कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (तस्वीर- फाइल)
HighLights
66,045 विद्यालयों में पैड बैंक स्थापित किए गए।
68,358 विद्यालयों में एमएचएम क्लब गठित हुए।
शिक्षकों और छात्रों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बेटियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और गरिमा को विद्यालयी व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाते हुए सरकार मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन (एमएचएम) को मजबूत कर रही है।
प्रदेश में 68,358 विद्यालयों में एमएचएम क्लब गठित किए गए हैं, जबकि 66,045 विद्यालयों में पैड बैंक स्थापित किया गया। 63,633 विद्यालयों में बच्चों के साथ जागरूकता सत्र और 63,928 विद्यालयों में शिक्षकों के साथ एमएचएम के बिंदुओं पर चर्चा की जा चुकी है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि 13 और 14 अगस्त को राज्य परियोजना कार्यालय में 209 मास्टर ट्रेनर्स की कार्यशालाएं आयोजित की गई थीं। नौ से 25 सितंबर के बीच प्रदेश के 450 मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण पूर्ण हुआ।
विद्यालय स्तर पर मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़ी जानकारी और गतिविधियों को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। विद्यालयों में एमएचएम क्लब और पैड बैंक के माध्यम से छात्राओं को जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं।
शनिवार को मीना मंच के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों में मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन संबंधित सत्र आयोजित होंगे। विद्यालय स्तर पर किशोर एवं किशोरियों के लिए साप्ताहिक गतिविधि आधारित पुस्तिका ‘प्रगति के पंख’ में भी मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन तथा डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार एवं अन्य से संबंधित पारित निर्णय की जानकारी को शामिल करते हुए टीएलएम-प्रशिक्षण गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया है।
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार बेटियों के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में ऐसा सुरक्षित और सहज वातावरण तैयार कर रही है, जहां मासिक धर्म उनकी पढ़ाई या आत्मविश्वास में बाधा न बने।
