यूपी के स्कूलों की बदलेगी सूरत: तीन महीने में परखी जाएगी बच्चों की पढ़ाई, 30 दिसंबर तक पहुंचेगी मैथ-साइंस किट
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में अगले तीन महीने तक शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
तीन महीने चलेगा शिक्षा गुणवत्ता सुधार अभियान।
निपुण एप से छात्रों का शत-प्रतिशत आकलन होगा।
30 दिसंबर तक पहुंचेंगी गणित-विज्ञान किट।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में अगले तीन महीने तक पढ़ाई की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के लिए विशेष अभियान चलेगा। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा ने नवंबर-दिसंबर और जनवरी के लिए समग्र शिक्षा के तहत प्रमुख कार्य निष्पादन संकेतक (केपीआई) निर्धारित किए हैं।
इसके तहत निपुण एप और तालिका से शत-प्रतिशत विद्यार्थियों का आकलन कर अभिभावकों को उनकी प्रगति रिपोर्ट साझा की जाएगी। गणित-विज्ञान किट और प्रिंटरिच सामग्री की खरीद 30 दिसंबर तक विद्यालयों में होगी।
मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण की होगी निगरानी
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सभी विद्यार्थियों का एक्सपोजर विजिट कराया जाएगा। प्रदेश के 75 जिलों में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण की निगरानी होगी। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत शौचालय, शुद्ध पेयजल और जर्जर भवनों की समस्या दूर कराई जाएगी।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) के उच्चीकरण, बालिकाओं के नामांकन व उपस्थिति, आरटीई के तहत आवंटित बच्चों के शत-प्रतिशत प्रवेश, तीन से छह वर्ष के बच्चों के बालवाटिका में नामांकन और ईसीसीई एजुकेटर की तैनाती पर भी जोर रहेगा।
आउट आफ स्कूल बच्चों का सर्वे और नामांकन कराया जाएगा। दिव्यांग बच्चों को ब्रेल सामग्री मिलेगी। स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, अपार आइडी और टैबलेट की क्रियाशीलता की समीक्षा होगी।
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