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यूपी में पाइपलाइन के लिए खोदी सड़कें 40 दिन में न सुधरीं तो एजेंसी पर होगी कार्रवाई, चलाया जाएगा अभियान

Published: Tue, 29 Sep 2026 09:31 AM (IST)

पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई ग्रामीण सड़कों को दुरुस्त करने के लिए 1 अक्टूबर से 10 नवंबर तक 40 दिन का विशेष अभियान चलेगा।

तस्वीर- फाइल।

तस्वीर- फाइल।

HighLights

  1. ग्रामीण सड़कों की मरम्मत के लिए 40 दिन का विशेष अभियान।

  2. लापरवाही पर एजेंसी काली सूची में, अभियंता पर होगी कार्रवाई।

  3. ग्रामीण सारथी ऐप पर फोटो-वीडियो के साथ शिकायत कर सकेंगे।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई ग्रामीण सड़कों को दुरुस्त करने के लिए सिर्फ 40 दिन का समय मिलेगा। एक अक्टूबर से शुरू होने वाला विशेष अभियान 10 नवंबर तक चलाया जाएगा।

इस अवधि में सड़कों की निर्धारित मानकों के अनुसार मरम्मत नहीं होने पर संबंधित एजेंसी को काली सूची में डालने के साथ जिम्मेदार अभियंता पर भी कार्रवाई होगी। निर्धारित अविध के बाद ग्रामीण खुद टूटी सड़कों की फोटो और वीडियो सारथी ऐप पर अपलोड कर शिकायत शिकायत कर सकेंगे।

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये विभिन्न पेयजल योजनाओं की मंडलवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों में अभी नल से जल की सुविधा नहीं पहुंची है, वहां लंबित कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे कराए जाएं।

मंत्री ने सड़क मरम्मत अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों की निर्धारित मानकों के अनुसार मरम्मत कराई जाए। अभियान के दौरान कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा।

पेयजल योजनाओं के काम में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ग्रामीण निर्धारित अवधि के बाद सड़क की स्थिति से जुड़ी शिकायत जल सारथी एप पर दर्ज करा सकेंगे। शिकायत के साथ मौके की फोटो और वीडियो भी अपलोड की जा सकेगी। प्राप्त शिकायतों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करनी होगी।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अभी पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है, वहां लंबित कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे कराए जाएं। योजनाओं की गुणवत्ता और काम की समयसीमा पर निगरानी रखने को भी कहा। बैठक में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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