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यूपी के गांवों को 18 घंटे बिजली देने के लिए अतिरिक्त प्रबंध करे सरकार, उपभोक्ता परिषद ने उठाई मांग

Published: Sun, 13 Sep 2026 08:11 PM (IST)

बिजली कंपनियों की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कमी स्पष्ट दिख रही है, जहां निर्धारित ...और पढ़ें

उपभोक्ता परिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों को निर्धारित 18 घंटे बिजली देने की मांग।

उपभोक्ता परिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों को निर्धारित 18 घंटे बिजली देने की मांग।

HighLights

  1. ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित 18 घंटे से कम बिजली आपूर्ति।

  2. यूपीएसएलडीसी रिपोर्ट: 3650 मेगावाट बिजली की कमी।

  3. उपभोक्ता परिषद ने 18 घंटे बिजली देने की मांग की।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में बिजली की उपलब्धता में कमी अब बिजली कंपनियों की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से निर्धारित 18 घंटे से कम बिजली दी जा रही है।

रविवार को जारी उत्तर प्रदेश राज्य भार प्रेषण केंद्र (यूपीएसएलडीसी) की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में 16.41 घंटे बिजली की आपूर्ति की गई।

इस दौरान मांग के मुकाबले बिजली की उपलब्धता 3650 मेगावाट कम रही। विद्युत उपभोक्ता परिषद ने सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों को निर्धारित 18 घंटे बिजली देने के लिए अतिरिक्त बिजली का प्रबंध करने की मांग की है।

यूपीएसएलडीसी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कुल प्रतिबंधित मांग 28,834 मेगावाट थी, जबकि बिजली की उपलब्धता केवल 25,184 मेगावाट रही। इस कमी की भरपाई के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कटौती की गई है। इस कटौती के अलावा ग्रामीण स्थानीय कटौती से भी परेशान हुए।

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन को स्पष्ट करना चाहिए कि जब गांवों के लिए 18 घंटे बिजली देने का प्रावधान है, तो इससे कम बिजली क्यों दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण उपभोक्ताओं के साथ अन्याय किया जा रहा है, उन्हें 18 घंटे बिजली मिलनी चाहिए।

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