UP रोडवेज का नया कदम, UDID कार्ड स्कैन कर जारी होगा दिव्यांग यात्रियों का फ्री बस टिकट
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने दिव्यांग यात्रियों के लिए नि:शुल्क यात्रा को और सुगम बनाया है। अब परिचालक ईटीआइएम मशीन ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
ईटीआइएम मशीन से यूडीआईडी कार्ड स्कैन कर नि:शुल्क टिकट।
दिव्यांगता प्रतिशत के अनुसार एक या दो नि:शुल्क टिकट जारी।
नि:शुल्क यात्रा का रिकॉर्ड एएफसी पोर्टल पर स्पष्ट दर्ज होगा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की साधारण बसों में दिव्यांग यात्रियों के लिए निश्शुल्क यात्रा की सुविधा अब और आसान होगी। परिचालक इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन (ईटीआइएम) से दिव्यांगजन के पहचान पत्र (यूडीआइडी कार्ड) पर दर्ज क्यूआर कोड को स्कैन कर मौके पर ही शून्य मूल्य का निश्शुल्क टिकट जारी कर सकेंगे।
क्यूआर स्कैन होते ही यात्री की दिव्यांगता का प्रतिशत देखकर मशीन स्वयं तय करेगी कि कितने निश्शुल्क टिकट जारी किए जाने हैं। इससे टिकट जारी करने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। नई सुविधा को परिवहन निगम में इस्तेमाल हो रही ईटीआइएम मशीनों में विकसित किया गया है। इसके तहत परिचालक पहले दिव्यांग यात्री से बस में चढ़ने और उतरने वाले स्थान की जानकारी लेकर मशीन में दर्ज करेगा।
इसके बाद मशीन में दिखाई देने वाले दिव्यांगजन विकल्प को चुना जाएगा। परिचालक दिव्यांग यात्री का यूडीआइडी कार्ड लेकर उसमें दर्ज क्यूआर कोड को ईटीआइएम मशीन से स्कैन करेगा। इसके बाद मशीन की स्क्रीन पर यात्री का यूडीआइडी नंबर, नाम, जन्मतिथि, दिव्यांगता का प्रकार, दिव्यांगता का प्रतिशत और आधार संख्या के छिपे हुए अंक दिखाई देंगे।
मशीन दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर निश्शुल्क टिकटों की संख्या भी स्वत: निर्धारित करेगी। 40 से 80 प्रतिशत तक दिव्यांगता होने पर एक निश्शुल्क टिकट और 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता होने पर दो निश्शुल्क टिकट जारी होंगे। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के अनुसार, दिव्यांग यात्री को जारी किए गए शून्य मूल्य के टिकट का वास्तविक किराया परिचालक और बस सेवा के भारांक तथा प्रतिफल की गणना में शामिल रहेगा।
साथ ही एएफसी पोर्टल पर दिव्यांग यात्रियों की यात्रा का अलग से विवरण उपलब्ध होगा। इससे निश्शुल्क यात्रा का रिकॉर्ड भी स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगा। यदि किसी दिव्यांग यात्री के यूडीआइडी कार्ड पर दर्ज क्यूआर कोड किसी कारण से स्कैन नहीं हो पाता है तो उसे पहले की तरह निश्शुल्क यात्रा की सुविधा रहेगी।
