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यूपी में नदियों का पानी घटा तो बढ़ी कीचड़ और गंदगी की चुनौती, हादसों में पांच की मौत

Published: Thu, 17 Sep 2026 09:24 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना सहित प्रमुख नदियों का जलस्तर घटने से बाढ़ से राहत मिली है, लेकिन कीचड़, गंदगी और दुर्गंध ने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. प्रमुख नदियों का जलस्तर घटने से बाढ़ से राहत मिली।

  2. कीचड़, गंदगी और दुर्गंध ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाईं।

  3. विभिन्न हादसों में कुल पांच लोगों की दुखद मौत हुई।

जागरण टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार घट रहा है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी से राहत मिल रही है, लेकिन जलस्तर घटने के बाद कीचड़, गंदगी और दुर्गंध ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है। कई जगह संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से आवागमन प्रभावित है। नदी में डूबने और मकान-दीवार गिरने समेत विभिन्न हादसों में पांच लोगों की मौत हुई है।

वाराणसी में गुरुवार को गंगा का जलस्तर 67.87 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से काफी नीचे है। पानी घटने से घाटों की सीढ़ियां दिखाई देने लगी हैं, लेकिन उन पर गाद और मिट्टी की मोटी परत जमा है। सुरक्षा के लिए घाटों पर जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीम तैनात है।

नौका संचालन अभी बंद है। घाटों का आपसी संपर्क पूरी तरह बहाल नहीं हुआ है। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह छत और हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में हो रहा है। दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी छत पर हो रही है। प्रयागराज में गंगा 80.85 और यमुना 79.59 मीटर पर आ गई हैं। दोनों नदियों का खतरे का निशान 84.734 मीटर है।

फर्रुखाबाद में गंगा 136.70 मीटर पर स्थिर रही, जबकि रामगंगा 20 सेंटीमीटर घटकर 136.40 मीटर पर पहुंची। पानी उतरने के बाद गंदगी और दुर्गंध से लोग परेशान हैं। उन्नाव में गंगा 20 सेंटीमीटर घटी, लेकिन कटरी क्षेत्रों में रास्ते खराब हैं। बांदा में केन और यमुना घटने से चार रपटों पर आवागमन बहाल हुआ है।

हमीरपुर में विरमा नदी में नहाते समय बिलगांव निवासी 25 वर्षीय राघवेंद्र तेज बहाव में बह गया। करीब एक घंटे बाद ग्रामीणों ने उसे निकाला, लेकिन चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। चित्रकूट में नदी में युवक का शव मिला। अवध में शारदा, मोहाना और घाघरा (सरयू) के जलस्तर में घट-बढ़ जारी है।

सीतापुर में केवानी और घाघरिया का पानी खेतों, पीएचसी और मंदिर परिसर में जमा है। लखीमपुर में शारदा घटने से राहत मिली, लेकिन मोहाना से कटान का खतरा बना हुआ है। गोंडा में सरयू का जलस्तर फिर बढ़ा है।

बरेली के अंजनी गांव में कच्चा मकान गिरने से सुदामा देवी और उनके पौत्र राजाराम की मौत हो गई। मीरगंज में दीवार गिरने से गणेशी देवी की जान चली गई। हादसे में आठ अन्य लोग घायल हुए।

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