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यूपी में हादसों और मौतों पर अंकुश के लिए सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरेगा PWD, आमजन भी दे सकेंगे सूचना

Published: Sat, 15 Aug 2026 05:30 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 15 Aug 2026 06:42 AM (GMT+05:30)

लोक निर्माण विभाग ने उत्तर प्रदेश में सड़कों पर गड्ढों से होने वाली मौतों को कम करने के लिए तत्काल ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. सड़कों पर गड्ढों से हो रही मौतों पर अंकुश लगेगा।

  2. बारिश में भी तत्काल कच्चा पैच कर गड्ढे भरे जाएंगे।

  3. आमजन 'एक्स' और 'मार्ग दिशांक' ऐप पर सूचना दें।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में प्रतिवर्ष सड़कों पर बने गड्ढों की वजह से हो रही औसतन 1025 से अधिक मौतों के ग्राफ को न्यूनतम करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने बारिश के बीच भी विभागीय अधिकारियों को गड्ढों को कच्चा पैच कर चलने लायक (मोटरेबल) बनाए रखने का निर्देश दिया है।

सड़कों पर गड्ढे होने की सूचना मिलते ही अभियंता मौके पर पहुंचकर गड्ढे को गिट्टी, बालू, ईंट के टुकड़ों और मिट्टी से चलने योग्य बनाएंगे। सितंबर के बाद जब वर्षा समाप्त हो जाएगी, तब गड्ढों को पक्का पैच करते हुए समतल किया जाएगा।

विभाग ने यह कदम गड्ढों के कारण होने वाले हादसों पर रोक लगाने के लिए उठाया है, ताकि जान माल का नुकसान कम हो सके। आमजन भी पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर गड्ढे होने की सूचना इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर विभाग के हैंडल @uppwdofficial पर दे सकेंगे।

‘एक्स’ पर गड्ढे की फोटो के साथ ही लोग लोकेशन की जानकारी भी शेयर कर सकते हैं। गड्ढे होने की जो भी सूचनाएं इस हैंडल पर आएंगी विभाग तत्काल उन्हें ठीक कराएगा।

लोक निर्माण विभाग के विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी ने बताया है कि वर्षा के कारण विभागीय सड़कों के टूटने और गड्ढे होने पर कच्चा पैच बनाते हुए उन्हें तत्काल ठीक करने के निर्देश अभियंताओं को दिए गए हैं।

कच्चा पैच के तहत गिट्टी, बालू, ईंट के टुकड़ों और मिट्टी भरकर गड्डों को चलने योग्य बनाया जाएगा। इसके साथ ही विभाग द्वारा विकसित कराए गए एप ‘मार्ग दिशांक’ पर सड़कों के क्षतिग्रस्त होने अथवा गड्ढे बनने का विवरण मांगा गया है। इस एप पर पाने वाली सूचनाओं का सत्यापन मुख्यालय स्तर से किया जा सकेगा।

बाद में इन सूचनाओं को विभाग के पोर्टल ‘विश्वकर्मा’ पर लिया जाएगा। सितंबर के बाद जब बारिश बंद हो जाएगी, तब क्षतिग्रस्त हुई सभी सड़कों को ठीक करने के लिए पक्का पैच बनाने के साथ ही जहां जरूरत होगी नवीनीकरण का कार्य भी कराया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि 13 फरवरी को सड़कों पर गड्ढों की वजह से देश में प्रतिवर्ष होने वाली मौतों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में बताया था कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2020 से 2024 के बीच सड़कों पर बने गड्ढों के कारण 5,127 लोगों की मौतें हुई थीं, जो औसतन प्रतिवर्ष 1,025 से अधिक है। अकेले वर्ष 2024 में इन हादसों के कारण राज्य में 1,369 मौतें दर्ज की गईं।

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