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वेतन-पेंशन आदेश का अनुपालन ना करने पर हाईकोर्ट सख्त, PWD प्रमुख सचिव के खिलाफ अवमानना का आरोप तय

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Wed, 14 Oct 2026 06:36 AM (IST)

लखनऊ हाई कोर्ट ने वेतन-पेंशन आदेश का पालन न करने पर PWD प्रमुख सचिव अजय चौहान पर अवमानना का आरोप ...और पढ़ें

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HighLights

  1. PWD प्रमुख सचिव अजय चौहान पर अवमानना आरोप तय।

  2. वेतन-पेंशन आदेश का 4 साल से नहीं हुआ पालन।

  3. पांच अधिकारियों को 15 दिन में देना होगा जवाब।

विधि संवाददाता, लखनऊ। कर्मचारियों के वेतन और पेंशन संबंधी आदेश का अनुपालन नहीं करने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) अजय चौहान के खिलाफ भी अवमानना का आरोप तय कर दिया है। न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने मंगलवार को यह कार्रवाई की।

अदालत ने अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार समेत पांच अधिकारियों को अवमानना के आरोपों पर जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई चार नवंबर को होगी। इस दिन सभी अधिकारियों को अदालत में उपस्थित होना होगा।

अदालत ने पांच अक्टूबर को अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति तथा लघु सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव, सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू के खिलाफ अवमानना के आरोप तय किए थे।

बकाया वेतन देने और संशोधित पेंशन का भुगतान करने का दिया था निर्देश

मंगलवार को पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव के खिलाफ भी आरोप तय होने के बाद अब पांच अधिकारी जवाब देंगे। यह मामला सुरेश चंद्र वर्मा के प्रकरण में पारित फैसले के अनुपालन से जुड़ी 37 अवमानना याचिकाओं से संबंधित है। अदालत ने 19 जुलाई 2022 को दिए आदेश में याचियों के वेतन का पुनर्निर्धारण करने, बकाया वेतन देने और संशोधित पेंशन का भुगतान करने का निर्देश दिया था।

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आदेश में चार महीने के भीतर लाभ नहीं देने पर सात प्रतिशत साधारण ब्याज देने को भी कहा गया था। याचियों का कहना है कि चार साल बीतने के बाद भी आदेश का अनुपालन नहीं हुआ है। अदालत ने कहा कि प्रथमदृष्टया अधिकारी आदेश का अनुपालन करने के इच्छुक नहीं दिख रहे हैं। अदालत के आदेश को विशेष अपील में बरकरार रखा गया था और 13 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने भी इसकी पुष्टि कर दी थी। राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिकाएं भी खारिज हो चुकी हैं।