यूपी में प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों के लिए आज से शुरू होगी ओटीएस योजना, 100% ब्याज और सरचार्ज होगा माफ
उत्तर प्रदेश में 15 अगस्त से प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू हो रही है। इस ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
15 अगस्त से यूपी में ओटीएस योजना शुरू।
प्रॉपर्टी टैक्स पर शत प्रतिशत ब्याज, सरचार्ज माफ।
बकाया चुकाने के लिए 15 दिसंबर तक का समय।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। वर्षों से प्रॉपर्टी टैक्स के बकाये में फंसे लाखों भवन स्वामियों के लिए बड़ी राहत की घड़ी आ गई है। शनिवार 15 अगस्त से प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू होने जा रही है।
योजना के तहत बकायेदारों को केवल मूल गृहकर, जलकर और सीवरकर जमा करना होगा और इसके साथ जुड़ा शत प्रतिशत ब्याज व सरचार्ज माफ कर दिया जाएगा। सरकार ने योजना का लाभ उठाकर बकाया चुकाने के लिए 15 दिसंबर तक का समय दिया है।
ओटीएस का लाभ एक अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाये पर मिलेगा। इसमें आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियां शामिल हैं। व्यक्तिगत करदाताओं के अलावा सरकारी विभागों, स्वायत्तशासी संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रमों को भी योजना का लाभ मिलेगा। सरकार ने बकायेदारों को एकमुश्त भुगतान के साथ किस्तों की सुविधा भी दी है।
योजना लागू होने के 30 दिन के भीतर कम से कम एक-तिहाई मूल बकाया जमा करना होगा। शेष राशि दो मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी। हालांकि पूरा मूल बकाया तीन माह के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा। मूल राशि पूरी जमा होते ही ब्याज और सरचार्ज पर शत प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा।
योजना सभी 762 नगरीय निकायों में लागू होगी। सरकार का लक्ष्य इससे जहां करदाताओं को वर्षों पुराने बकाये से राहत देना है, वहीं नगरीय निकायों की राजस्व वसूली को भी गति देना है। शनिवार 15 अगस्त से 14 सितंबर तक नगरीय निकाय बकायेदारों को योजना की जानकारी देने के लिए विशेष अभियान चलाएंगे।
ई-मेल, एसएमएस, पत्र, होर्डिंग, शिविर, गोष्ठियों और इलेक्ट्रानिक मीडिया के जरिये प्रचार किया जाएगा। निकायों को बकायेदारों से संपर्क कर उन्हें ओटीएस का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
योजना के लिए आनलाइन और आफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकेगा। नगरीय निकाय अपनी वेबसाइट या विशेष पोर्टल के जरिए आवेदन स्वीकार करेंगे। आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर उसका निस्तारण करना अनिवार्य होगा।
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