लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश के एक लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में बुधवार से पढ़ाई शुरू हो रही है। कोविड-19 को देखते हुए यूपी सरकार ने निर्देश है कि जिन स्कूलों में छात्र संख्या अधिक है, वहां दो पालियों में सुबह आठ से 11 व 11:30 से 2:30 बजे तक कक्षाएं चलेंगी। अधिक छात्र संख्या का आधार स्कूल का भवन व अन्य संसाधन होंगे। कक्षा में छात्रों को छह फीट की दूरी पर बैठाया जाएगा। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति से पहले अभिभावकों की सहमति लेना अनिवार्य है। यह जरूर है कि किताब, बैग, यूनीफार्म आदि का इंतजाम नहीं है।

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद, मान्यता प्राप्त और अन्य बोर्डों के प्राथमिक स्कूलों में भौतिक रूप से पढ़ाई शुरू हो रही है। अब तक बच्चे आनलाइन व टेलीविजन के माध्यम से जैसे-तैसे पढ़ाई कर रहे थे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा अनामिका सिंह ने पठन-पाठन शुरू होने से पहले प्रबंध समिति की बैठक कराने व अभिभावकों को प्रेरित करने का निर्देश दिया था, ताकि वे बच्चों को स्कूल भेजें। यह प्रक्रिया पिछले दिनों पूरी हो चुकी है। स्कूलों में साफ-सफाई व हाथ धोने की व्यवस्था की गई है। शिक्षक, अभिभावक व प्रबंध समिति सदस्यों को शामिल कर कोविड टास्क फोर्स समिति भी गठित हुई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण प्रभावितों की संख्या घटने पर प्राथमिक स्कूलों को खोलने पर विचार करने का निर्देश बीती 16 अगस्त को दिया था, जिसके बाद शासन ने प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई शुरू कराने का आदेश जारी कर दिया। निर्देश दिए गए कि स्कूलों में 23 अगस्त से छह से आठ तक और एक सितंबर से एक से पांच तक की कक्षाएं चलेंगी। निर्देश है कि कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन इस दौरान जरूरी है।

छात्र-छात्राएं, शिक्षक व अन्य स्टाफ के लिए शारीरिक दूरी का अनुपालन करना और सभी का मास्क पहनना अनिवार्य है। स्कूल में समारोह व त्योहार आदि नहीं होंगे। प्रार्थना सभा भी अलग-अलग कक्षाओं में हो सकती है। यह भी निर्देश हैं कि यदि विद्यार्थी परिवार की सहमति से घर पर ही पढ़ना चाहता है तो अनुमति दी जाएगी। शिक्षकों व छात्रों के नियमित स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करने को कहा गया। साथ ही छात्रों की अवकाश नीति को लचीला बनाने और बीमारी के आवेदन पर उन्हें घर पर रहने की अनुमति देने के निर्देश भी दिए गए।

Edited By: Umesh Tiwari