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UP में बिजली बिलों का तुरंत निपटारा और नो-कटौती, त्यौहारों से पहले सरकार का बड़ा प्लान

Published: Wed, 26 Aug 2026 08:10 AM (IST)

उत्तर प्रदेश में दशहरा-दीपावली से पहले 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए डेढ़ माह ...और पढ़ें

लापरवाही पर आजमगढ़ के एसई व चार अन्य अधिशासी अभियंताओं को कड़ी चेतावनी। सांकेतिक तस्वीर

लापरवाही पर आजमगढ़ के एसई व चार अन्य अधिशासी अभियंताओं को कड़ी चेतावनी। सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा विद्युत अनुरक्षण अभियान।

  2. त्योहारों से पहले बिजली कटौती रोकने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

  3. राजस्व वसूली और उपभोक्ता शिकायतों का मौके पर निस्तारण होगा।

राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। दशहरा-दीपावली से पहले विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक विद्युत अनुरक्षण संबंधी अभियान चलाया जाएगा। डेढ़ माह की अवधि में विद्युत व्यवस्था से संबंधित कार्य चिन्हित करते हुए उन्हें ठीक किया जाएगा ताकि ट्रांसफार्मर, केबिल के साथ ही विद्युत वितरण प्रणाली के अन्य उपकरणों में फाल्ट के चलते प्रदेशवासियों को बिजली कटौती से न जूझना पड़े।

मंगलवार को शक्ति भवन में समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ऊर्जा तथा उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष गोयल ने अनुरक्षण माह में किए जाने वाले कार्यों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर विद्युत व्यवस्था के लिए जितनी बिजली उपभोक्ताओं को दी जाए उसके अनुरूप राजस्व की वसूली भी सुनिश्चित किया जाए। बकाया बिलों की वसूली के लिए “तकादा कॉलिंग” के माध्यम से बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं को प्रेरित करने के भी निर्देश दिए।

अध्यक्ष ने कहा कि त्योहारों के मद्देनजर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्थानीय फाल्ट को न्यूनतम समय में ठीक करने के साथ ही इसकी सूचना इंटरनेट मीडिया आदि के माध्यमों से उपभोक्ताओं को दी जाए। बैठक में विद्युत सामग्री के लिए विकेंद्रीकृत टेंडर प्रक्रिया में विलंब के लिए भी कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सामग्री की व्यवस्था में देरी ठीक नहीं है। वर्टिकल व्यवस्था के बारे में पूछने पर लखनऊ केस्को, नोएडा, बरेली, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, रामपुर, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, अयोध्या, सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, झांसी एवं मथुरा के मुख्य अभियंताओं ने बताया कि इससे व्यवस्था में सुधार हुआ है और उपभोक्ता भी संतुष्ट हैं।

डा. गोयल ने संविदा कर्मियों की सुरक्षा के संबंध में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि अनुरक्षण कार्य तय सुरक्षा मानकों के अनुसार हों। प्रत्येक सब स्टेशन पर सीढ़ी सहित सुरक्षा के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध रहे।

उन्होंने कहा कि फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण किया जाए और जहां भी कमियां सामने आएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। विद्युत बिलों में सुधार के लिए आयोजित किए जा रहे शिविरों की प्रगति की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं की बिल संबंधी शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जाए ताकि उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

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वितरण निगमों में केंद्रीकृत सामग्री की निविदाओं, फ्यूज सेट लगाने की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। अध्यक्ष ने कहा कि राजस्व वृद्धि, लाइन हानियों में कमी, बेहतर बिलिंग और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार के लक्ष्य तभी हासिल होंगे, जब प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

उन्होंने अधिकारियों को तय लक्ष्यों की नियमित निगरानी करते हुए परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनाने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर, पारदर्शी एवं निर्बाध विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक नितीश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।