यूपी में भीषण गर्मी से पहले ही बढ़ी बिजली की डिमांड, इंडक्शन और EV ने बढ़ाया 'पावर' लोड
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी से पहले ही बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है, जो अब 21,450 मेगावाट पहुंच ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। मांग में इजाफे का बड़ा कारण पारा चढ़ने के साथ ही इंडक्शन उपकरण और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) के बढ़ते उपयोग को भी कुछ हद तक माना जा रहा है।
पिछले पांच-छह दिनों में ही बिजली की मांग साढ़े तीन हजार मेगावाट बढ़कर 21,450 मेगावाट पहुंच चुकी है। हालांकि, अभी बिजली की पर्याप्त उपलब्धता होने से पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के सामने प्रदेशवासियों को तय शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति करने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।
प्रबंधन का अनुमान है कि इस बार जून में बिजली की मांग रिकॉर्ड 34 हजार मेगावाट से अधिक पहुंच सकती है। पिछले वर्ष जून में 31309 मेगावाट तक बिजली की मांग पहुंची थी।
वैसे तो होली के बाद गर्मी बढ़ने पर 10 मार्च को बिजली की मांग बढ़कर 21,675 मेगावाट तक पहुंच गई थी लेकिन पिछले दिनों वर्षा के कारण मौसम में बदलाव से बिजली की अधिकतम मांग 21 मार्च को घटकर 18,031 मेगावाट ही रह गई थी। इधर तापमान लगातार चढ़ता जा रहा है लेकिन अभी ज्यादा गर्मी न होने से एसी आदि का इस्तेमाल कम ही हो रहा है।
फिर भी बिजली की अधिकतम मांग दो दिन में एक हजार से ज्यादा बढ़कर 23 मार्च को 19,113 और अब 21,450 मेगावाट पहुंच गई है। मात्र पांच दिनों में ही साढ़े तीन हजार मेगावाट बिजली की मांग बढ़ने पर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा कहना है कि गैस सिलिंडर की दिक्कत को देखते हुए इंडक्शन चूल्हा आदि की तेजी से बिक्री बढ़ी है।
लगातार ईवी की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। ऐसे में उनका मानना है कि बिजली की मांग में अचानक बढ़ोतरी इनके कारण कहीं ज्यादा हो रही है।
वर्मा ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से बिजली की बढ़ती मांग के कारणों का अध्ययन कराने की भी मांग करते हुए कहा कि इंडक्शन व ईवी चार्जिंग के प्रभाव का अलग से आकलन किया जाए। आकलन के आधार पर कॉरपोरेशन प्रबंधन बिजली की अधिकतम मांग के अनुमान के अनुसार बिजली की उपलब्धता अभी से सुनिश्चित कर ले ताकि भीषण गर्मी में एसी का लोड बढ़ने पर प्रदेशवासियों को बिजली की कटौती से न जूझना पड़े।
पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल का कहना है कि अभी मांग से कहीं ज्यादा बिजली की उपलब्धता है इसलिए प्रदेशवासियों को शेड्यूल के अनुसार बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
बिजली की बढ़ती मांग पर हमारी नजर है। जून में बिजली की मांग 34 हजार मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। अनुमान के मुताबिक पर्याप्त बिजली का इंतजाम कर लिया गया है।
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