लखनऊ: भारी बारिश के चलते प्रभावित हुआ कोयला उत्पादन, ग्रामीण इलाकों में रात को हो रही बिजली कटौती
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और खदानों में जलभराव के कारण कोयला उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बिजली कटौती जारी है।
भारी बारिश से कोयला उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई।
पीक आवर में बिजली की उपलब्धता में कमी आई है।
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने स्वीकार किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय बिजली कटौती की जा रही है। स्पष्ट किया है कि भारी वर्षा और खदानों में जलभराव के कारण कोयला उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिसका असर उत्तर प्रदेश की तापीय विद्युत उत्पादन इकाइयों पर पड़ा है। बिजली की उपलब्धता में कमी के कारण पीक आवर (बिजली की अधिकतम मांग के समय) में ग्रामीण क्षेत्रों, बुंदेलखंड, तहसीलों और नगर पंचायतों में रात में सीमित समय के लिए बिजली काटी जा रही है।
हालांकि, जिला मुख्यालयों को 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है।प्रबंधन ने बताया कि तापीय विद्युत उत्पादन इकाइयों को पर्याप्त कोयला मिल सके, इसके लिए कोल इंडिया लिमिटेड (सीआइएल) से बातचीत की गई है। बिजली की कमी को दूर करने के लिए अन्य एजेंसियों से भी संपर्क किया जा रहा है। भारी वर्षा और जलभराव के कारण कोयला खदानों में उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित होने से देश के विभिन्न तापीय विद्युत संयंत्रों में कोयले के स्टाक में कमी आई है।
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गुजरात सहित कई अन्य राज्यों में कोयले की कमी से तापीय विद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है। प्रदेश में भी कोयले की कमी और गीले कोयले के कारण तापीय बिजली का उत्पादन प्रभावित हुआ है। विभिन्न उत्पादन इकाइयों में तकनीकी कारणों से आई ट्रिपिंग के कारण भी बिजली की उपलब्धता में कमी आई है।
पावर एक्सचेंज से भी बिजली मिलने में दिक्कतें आ रही हैं।प्रबंधन का दावा है कि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति को प्रभावी बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। दिन में विद्युत आपूर्ति सामान्य है, लेकिन पीक आवर में बिजली की उपलब्धता कम हो रही है। एक मई से अब तक 135 दिनों में यूपी ने 74 दिन देश में सबसे अधिक और 37 दिन दूसरे स्थान पर रहकर बिजली की मांग को पूरा किया है। इसी अवधि में 22 दिन ऐसे भी रहे, जब सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को कटौती मुक्त बिजली भी दी गई।
