लखनऊ (जेएनएन)। मंत्री, विधायक तथा अन्य वीआइपी की सुरक्षा में कटौती के बाद अब सरकार ने शहीद सीओ जिया उल हक की पत्नी परवीन आजाद की सुरक्षा का घेरा छोटा कर दिया है। पुलिस में विशेष कार्याधिकारी के पद पर कार्यरत परवीन आजाद के सुरक्षा दस्ते के आधा दर्जन जवानों को अलग किया गया है। 

उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रतापगढ़ के कुंडा में शहीद हुए डिप्टी एसपी जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद को दी गई अतिरिक्त सुरक्षा वापस ले ली है। लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार ने बताया मामले में एलआईयू की रिपोर्ट के बाद परवीन को दी गई स्कॉर्ट और गारद हटा ली गई है। अब उनकी सुरक्षा के लिए सिर्फ दो पुलिसकर्मी ही तैनात रहेंगे। सुरक्षा समिति ने उन अधिकारियों की सुरक्षा की समीक्षा की, जिन्हें गनर के अलावा स्कॉर्ट व गारद दी गई है। 

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समिति ने एलआईयू रिपोर्ट के आधार पर परवीन आजाद की सुरक्षा में लगी अतिरिक्त सुरक्षा को गैर जरूरी माना और उसके बाद उसे हटाने का निर्णय लिया है। परवीन आजाद लखनऊ में पुलिस लाइन के ट्रांजिस्ट हास्टल में रहती हैं। 

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इसी वर्ष फरवरी में परवीन आजाद को प्रदेश सरकार से वाइ श्रेणी की सुरक्षा मिली थी, जिसे कम कर दिया गया था। सुरक्षा से चार पुलिसकर्मी हटा लिए गये थे। मामले में परवीन आजाद ने लखनऊ की एसएसपी को पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा है कि मेरे खिलाफ खतरनाक लोगों का एक तंत्र सक्रिय है। कभी भी मेरे साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है।

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मार्च 2013 में डीएसपी कुंडा जियाउल हक की हत्या हो गई थी। इस मामले में प्रदेश सरकार के मंत्री रघुराज प्रताप सिंह कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की सीबीआइ जांच में रघुराज बरी हो गए लेकिन बाद में परवीन ने इसे अदालत में चुनौती दी थी।

Posted By: Dharmendra Pandey

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