लखनऊ [धीरेंद्र सिंह]। उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों पर काबू पाने में जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक डाटाबेस की मदद ली जाएगी। डाटाबेस तैयार हो जाने पर पूरे प्रदेश में एक क्लिक पर किसी भी अपराधी का पूरा ब्योरा उपलब्ध होगा। उसकी पहचान हाथ, आंख और चेहरे को स्कैन कर की जा सकेगी। वहीं, इसमें सीसीटीवी से मिलने वाली फुटेज को भी स्कैन कर डाटाबेस में मौजूद अपराधियों के ब्योरे से मिलाया जा सकेगा। इसे लागू करने में यूपी पुलिस 90 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

यूपी पुलिस तकनीकी सेवाएं के उच्च अधिकारी के मुताबिक, ऑटोमेटेड मल्टी मॉडल बायोमेट्रिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (एबीआईएस) को पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए राज्य सरकार से यूपी पुलिस को 90 करोड़ रुपये का फंड हाल में दिया गया है। सिस्टम लागू करने का जिम्मा फिंगर प्रिंट ब्यूरो का होगा। 

ऐसे काम करेगा सिस्टम

इस सिस्टम के तहत प्रदेश के 1550 से अधिक थानों को यूपी पुलिस मुख्यालय तकनीकी सेवाएं में बनने वाले सर्वर रूम से जोड़ा जाएगा। थानों में अपराधियों के अंगूठे, अंगुली, हथेली, आंख और चेहरे की इलेक्ट्रॉनिक स्कैनिंग की सुविधा होगी। इस पहचान को सर्वर के डाटाबेस में सेव किया जाएगा। पूरे प्रदेश में कहीं भी अपराधी के पकड़े जाने पर उसकी पहचान जिला पुलिस मुख्यालय और डीजीपी मुख्यालय के जरिये स्कैन कराई जा सकेगी।

टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के आदेश

फंड मिलने के बाद एबीआइएस से जुड़े उपकरणों की खरीदारी के लिए एडीजी तकनीकी सेवाएं ने भी टेंडर प्रकिया शुरू करने के आदेश दे दिए हैं। एबीआइएस को तीन साल व तीन चरण में लागू किया जाएगा। पहले चरण में इसके लिए 26 करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। उपकरणों की खरीद गवर्नमेंट ई मार्केट (जेम) पोर्टल के जरिये की जाएगी।

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Posted By: Divyansh Rastogi