लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में गांव के सरकार की गठन के लिए दो मई को परिणाम आने के बाद भी शपथ लेने का इंतजार करने रहे विजेताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। ग्राम प्रधान के पद का चुनाव जीतने वालों का अब इंतजार समाप्त हो गया है। इनको शपथ दिलाने का इंतजाम हो गया है। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की मतगणना दो, तीन व चार मई तक चली और गांवों को उनकी नई सरकार मिल गई। पंचायती विभाग ने प्रस्ताव में 12 मई को शपथ ग्रहण की बात की थी, लेकिन गांवों में तेजी से फैल रहे कोरोना के मद्देनजर हर कार्यक्रम पर रोक लगा दी थी। 

उत्तर प्रदेश में 29 अप्रैल को पंचायत चुनाव संपन्न हुए।  इसके बाद वोटों की गिनती 2 मई को शुरू हुई। 20 दिन बाद ग्राम प्रधान व पंचायत सदस्यों के शपथ ग्रहण की तारीख तय हो गई है। इसी के साथ शनिवार यानी आज ग्राम पंचायतों का गठन, ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के शपथ ग्रहण की तारीखों की भी घोषणा की गई है। 25 व 26 मई को इनका शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसके लिए शासन ने आदेश जारी कर दिया है। प्रदेश का पंचायती राज विभाग इन सभी को 25 व 26 मई को शपथ दिला देगा। इसके बाद भी बड़े लोग इससे वंचित रहेंगे। इनमें बड़ी संख्या में वह लोग हैं, जिनकी परिणाम आने से पहले ही कोरोना संक्रमण या फिर अन्य कारण से मृत्यु हो गई है। इसके साथ ही परिणाम में विवाद होने के कारण भी बड़ी संख्या में लोग ग्राम प्रधान का चुनाव जीतने के बाद भी शपथ लेने से  वंचित रहेंगे।

प्रदेश शासन ने 25 से 26 मई को ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों के शपथ ग्रहण की तिथि तय करते हुए वीडियो क्रान्फ्रेंसिंग या वर्चुअल माध्यम से शपथ दिलाने के निर्देश दिया है। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए शपथ दिलाने की समस्त औपचारिकताओं को पूर्ण कर लें। उन्होंने समस्त जिलाधिकारियों को 24 मई को ग्राम पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी करने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद संगठित ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 27 मई को आयोजित होगी। 

अपर मुख्य सचिव ने कहा 58,176 प्रधानों सहित 731813 लाख ग्राम पंचायत सदस्यों को शपथ लेना है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत इतनी बड़ी संख्या में ब्लॉक पर शपथ समारोह कराना सम्भव नहीं होगा। इसी कारण वर्चुअल माध्यम से शपथ दिलाये जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को जिलाधिकारी के नामित अधिकारी वीडियो क्रान्फ्रेंसिंग या वर्चुअल माध्यम से शपथ दिलवाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधि अपने ग्राम पंचायत में ही पंचायत घर, सामुदायिक भवन या ग्राम पंचायत क्षेत्र के कॉमन सर्विस सेंटर में शपथ लेंगे। 

उन्होंने कहा कि उन ग्राम पंचायतों को अधिसूचित नहीं किया जाएगा, जहां से ग्राम प्रधान व कम से कम दो तिहाई सदस्य निर्वाचित नहीं हुए हैं। अर्थात सदस्य का दो तिहाई होना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि शपथ ग्रहण से जुड़ी जानकारियां निर्वाचित प्रतिनिधियों को समय से उपलब्ध करा दें। उन्होंने बताया कि वर्चुअल शपथ के लिए लैपटॉप आदि की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिव गण सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि शपथ पत्र की पर्याप्त प्रतियां रखी जाए। शपथ ग्रहण कार्यक्रम को जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय तथा क्षेत्र पंचायत के कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा करते हुए विभिन्न माध्यमों से भी इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत शपथ ग्रहण के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पूर्णत: पालन किया जाए। 

जीतकर भी प्रयागराज के 911 प्रधान नहीं ले पाएंगे : प्रयागराज में विजेता 1522 ग्राम प्रधानों में से 911 शपथ नहीं ले पाएंगे। सिर्फ 611 को ही शपथ दिलाई जाएगी। जिले की 1540 ग्राम सभाओं में महज 611 प्रधान ही शपथ ले सकेंगे। शेष 911 इनका शपथ ग्रहण समारोह बाद में ही कराया जाएगा। प्रयागराज जिले में 1540 ग्राम सभा में पहले चरण मे 15 अप्रैल को मतदान हुआ। इसके बाद प्रधान के तो सभी पद भर गए, लेकिन ग्राम पंचायत सदस्य के 19 हजार से अधिक पदों में से लगभग 10 हजार पद रिक्त हैं।

अब पंचायत के लिए शपथ ग्रहण का समय 26 जून तक तय है। यहां लगभग सभी ब्लॉक में कुछ न कुछ ग्राम प्रधानों का शपथ ग्रहण फंसेगा। बहादुरपुर ब्लॉक में एक दर्जन से अधिक प्रधान ऐसे हैं, जिनका शपथ ग्रहण फिलहाल संभव नहीं है। डीपीआरओ, रेनू श्रीवास्तव ने बताया कि कोरम पूरा न होने के कारण 1540 ग्राम सभाओं में से महज 611 प्रधान ही फिलहाल शपथ ले सकेंगे। शेष का शपथ ग्रहण अगले चरण में संभव होगा।  

गौरतलब है कि प्रदेश में 15 से 29 अप्रैल के बीच में चार चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का आयोजन कराया गया था। पहले चरण का मतदान 15 अप्रैल को, दूसरे का 19, तीसरे का 25 और चौथे चरण का मतदान 29 अप्रैल को हुआ था। दो मई को मतगणना थी, जो कि चार तक चली थी। 

Edited By: Dharmendra Pandey