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उत्तर प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारियों को दीवाली तोहफा: मासिक वेतन में बढ़ोतरी, योगी सरकार का बड़ा एलान

Published: Sat, 07 Nov 2026 10:08 PM (IST)

उत्तर प्रदेश सरकार ने 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा दिया है, जिससे उनके मासिक पारिश्रमिक में वृद्धि हुई है।

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HighLights

  1. उत्तर प्रदेश के 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को दिवाली तोहफा।

  2. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अब मिलेंगे 15,396 रुपये मासिक।

  3. सरकार पर प्रति कर्मचारी 25,007 रुपये का अतिरिक्त भार।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में कार्यरत 3.50 लाख से अधिक आउटसोर्स कार्मिकों का पारिश्रमिक बढ़ाने में सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ा है। आउटसोर्स से चतुर्थ श्रेणी में काम कर रहे प्रत्येक कर्मचारी के पैकेज से ईपीएफ और ईएसआइ कटने के बाद हर माह हाथ में कुल 15,396 रुपये आएंगे, लेकिन इस श्रेणी के प्रत्येक कार्मिक पर सरकार को प्रति माह कुल 25,007 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। श्रेणी एक, दो व तीन के कार्मिकों के हाथ प्रति माह आने वाले पारिश्रमिक से औसतन 10 से 11 हजार रुपये अतिरिक्त भार सरकार पर आ रहा है।

दो सितंबर से आउटसोर्स से तैनात कार्मिकोंं को बढ़ी दर से पारिश्रमिक देने में सरकार द्वारा खर्च किए जाने वाले एक-एक पैसे का हिसाब किताब तैयार किया गया है। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में आउटसोर्स कार्मिकों की कुल संख्या 3,52,396 सामने आई है।

कटौती के बाद हर माह मिलेंगे 15,396 रुपये

सरकार द्वारा तैयार कराए गए रिपोर्ट के अनुसार, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों का मासिक पैकेज 20,337 रुपये है। ईपीएफ और ईएसआइ कटने के बाद प्रत्येक कर्मचारी को हर माह 15,396 रुपये ही मिलेंगे। ईपीएफ और ईएसआइ में सरकार भी बराबर का अंशदान करेगी।

इसके अलावा सरकार हर माह जीएसटी, सर्विस चार्ज और यूपीकास सेंटेज के रूप में प्रति कर्मचारी 4,670 रुपये अतिरिक्त भार आ रहा है। इस प्रकार प्रत्येक कर्मचारी पर सरकार को हर माह 25,007 रुपये खर्च करने हैं।

यही स्थिति श्रेणी तीन और श्रेणी दो के कर्मचारियों के साथ भी है। श्रेणी तीन के कर्मचारियों का मासिक पैकेज 22,411 रुपये है। ईपीएफ और ईएसआइ कटने के बाद हर माह 16,966 रुपये ही मिलेंगे। ईपीएफ और ईएसआइ में सरकार भी अंशदान करेगी। सरकार जीएसटी, सर्विस चार्ज और यूपीकास सेंटेज चार्ज के रूप में प्रत्येक कर्मचारी पर 5146 रुपये खर्च करेगी। इस प्रकार प्रत्येक कर्मचारी पर सरकार का खर्च 27,568 रुपये आ रहा है।

श्रेणी दो के कर्मचारियों को 19,148 रुपये

श्रेणी दो के कर्मचारियों का मासिक पैकेज 25,293 रुपये है। ईपीएफ और ईएसआइ कटने के बाद कर्मचारी को हर माह 19,148 रुपये मिलेंगे। ईपीएफ और ईएसआइ में सरकार भी अपना हिस्सा देगी। सरकार जीएसटी, सर्विस चार्ज और यूपीकास सेंटेज के रूप में सरकार 5808 रुपये हर माह खर्च करेगी। इस श्रेणी में प्रत्येक कर्मचारी पर सरकार का खर्च 31,102 रुपये आ रहा है।

श्रेणी एक में ईपीएफ और ईएसआइ नहीं 

श्रेणी एक के कर्मचारी की स्थिति थोड़ी भिन्न हैं। इन कर्मचारियों के पारिश्रमिक से ईपीएफ और ईएसआइ नहीं कटेगा। इनका मासिक पैकेज 39,000 हजार रुपये बिना किसी कटौती के दे देने की व्यवस्था है। इसके बावजूद इस श्रेणी के प्रत्येक कर्मचारी पर सरकार को जीएसटी, सर्विस चार्ज और यूपीकास सेंटेज के रूप में 9251 रुपये हर माह देना है। इस श्रेणी में प्रत्येक कर्मचारी पर सरकार का खर्च हर माह 48,251 रुपये आ रहा है।

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