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अदालत में अफसरों की पेशी में ड्रेस कोड जरूरी, रंगीन चश्मे-भड़कीले कपड़ों पर रोक; सरकार ने दिए ये सख्त आदेश

Published: Fri, 11 Sep 2026 07:05 PM (GMT+05:30)

प्रदेश सरकार ने अदालत की गरिमा और प्रोटोकॉल के लिए अधिकारियों हेतु सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब न्यायालय में ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. न्यायालय में अधिकारियों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड अनिवार्य होगा।

  2. शपथ पत्र में नवीनतम फोटो और केवल नीली स्याही का उपयोग।

  3. भड़कीले कपड़े, खुले बाल, रंगीन चश्मे प्रतिबंधित किए गए।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अदालत की गरिमा और प्रोटोकाल को लेकर प्रदेश सरकार ने अधिकारियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब न्यायालय में व्यक्तिगत या वर्चुअल रूप से पेश होने वाले अधिकारियों को निर्धारित ड्रेस कोड में ही उपस्थित होना होगा। इतना ही नहीं, व्यक्तिगत शपथ पत्र पर लगाया जाने वाला फोटो भी नवीनतम और उचित ड्रेस में होना चाहिए।

इसमें भड़कीले कपड़े, खुले बाल और रंगीन चश्मे अथवा सनग्लासेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सरकार ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों समेत संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने को कहा है।

विशेष सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया? 

न्याय विभाग के निर्देशों के क्रम में नियुक्ति विभाग के विशेष सचिव विजय कुमार की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि शपथ पत्र देने वाले अधिकारी, शपथ आयुक्त या नोटरी हस्ताक्षर में केवल नीली स्याही का प्रयोग करेंगे। शपथ आयुक्त या नोटरी की मुहर भी काली, लाल, हरी अथवा किसी अन्य रंग की नहीं होनी चाहिए।

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इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि न्यायालय में अधिकारी चाहे शारीरिक रूप से उपस्थित हों या वर्चुअल माध्यम से, दोनों ही स्थिति में निर्धारित ड्रेस कोड का पालन अनिवार्य होगा। शपथ पत्र के सत्यापन के दौरान लगाए गए फोटोग्राफ में भी अधिकारी का स्वरूप औपचारिक और मर्यादित होना चाहिए।

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ये निर्देश अध्यक्ष राजस्व परिषद, कृषि उत्पादन आयुक्त, सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव व विशेष सचिव तथा सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को भेजे गए हैं।