विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूपी नीट यूजी-2026 के तहत MBBS-BDS की नए सिरे से काउंसिलिंग शुरू, HC के आदेश के बाद रद हुआ पुराना अलॉटमेंट

Published: Fri, 18 Sep 2026 08:44 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद यूपी नीट यूजी-2026 एमबीबीएस और बीडीएस की सीट आवंटन प्रक्रिया रद कर दी गई है।

एमबीबीएस और बीडीएस काउंसिलिंग फिर शुरू।

एमबीबीएस और बीडीएस काउंसिलिंग फिर शुरू।

HighLights

  1. हाई कोर्ट के आदेश पर पुराना सीट आवंटन रद।

  2. प्रथम चरण की काउंसलिंग 21 सितंबर तक नए सिरे से शुरू।

  3. सीट आवंटन परिणाम 22 सितंबर को, प्रवेश 23-26 सितंबर।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के बाद चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीएमई) ने नीट यूजी-2026 (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-2026) के तहत सात सितंबर को जारी सीट आवंटन प्रक्रिया निरस्त कर दी है।

अब एमबीबीएस और बीडीएस में प्रवेश के लिए प्रथम चरण की नए सिरे से काउंसलिंग शुक्रवार शाम पांच बजे से शुरू हो गयी, जो 21 सितंबर की शाम पांच बजे तक चलेगी।

इसमें अभ्यर्थियों को नए सिरे से विकल्प भरकर सीटें लाक करनी हैं। सीट आवंटन का परिणाम 22 सितंबर को जारी किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित होगी, वे 23 से 26 सितंबर तक डीजीएमई की वेबसाइट से आवंटन पत्र डाउनलोड कर संबंधित संस्थान में प्रवेश ले सकेंगे।

डीजीएमई नेहा शर्मा के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सात सितंबर को किया गया सीट आवंटन अमान्य रहेगा। जिन अभ्यर्थियों को पहले सीट आवंटित हो चुकी थी, उन्हें भी संशोधित काउंसलिंग में दोबारा विकल्प भरकर लाक करने होंगे। नया सीट आवंटन केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को किया जाएगा, जो निर्धारित समय में विकल्प भरने और लाक करने की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

संशोधित कार्यक्रम सरकारी व निजी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों तथा चिकित्सा विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस और बीडीएस की स्टेट कोटा सीटों पर लागू होगा। काउंसलिंग के अन्य नियम व शर्तें पूर्ववत रहेंगी। 23 से 26 सितंबर तक आवंटन पत्र डाउनलोड कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

क्यों रद हुई काउंसलिंग

समाज कल्याण विभाग की वित्तीय मदद से संचालित अंबेडकरनगर, कन्नौज, सहारनपुर और जालौन के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में करीब 91 प्रतिशत आरक्षण लागू होने को लेकर हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एक याचिका दाखिल की गई थी।

न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की डिवीजन बेंच ने इस आरक्षण पर रोक लगाते हुए अनुसूचित जाति के लिए 21 प्रतिशत, एसटी के लिए दो प्रतिशत और ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर काउंसलिंग आगे बढ़ाने का आदेश दिया था।

16 सितंबर को जब हाई कोर्ट का आदेश आया, उस समय नीट यूजी-2026 की प्रथम चरण की काउंसलिंग पूरी हो चुकी थी और अभ्यर्थियों को सीटें भी आवंटित कर दी गई थीं। हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के आदेश पर प्रथम चरण की काउंसलिंग रद कर नए सिरे से काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी किया गया है।

इस तरह का पेंच नीट यूजी-2025 में भी फंसा था, लेकिन तब खामियों को सुधारने का चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अदालत को आश्वासन दिया था। इसके बावजूद आदेश पर अमल नहीं किया गया।

यह भी पढ़ें- CM योगी का बड़ा तोहफा: 357 एक्सरे-टेक्नीशियन समेत 818 युवाओं को सैंपेंगे जॉइनिंग लेटर