6% ब्याज पर 6 लाख तक का लोन, यूपी के किसानों के लिए वरदान है योगी सरकार की ये योजना
UP Krishak Samriddhi Yojana | योगी सरकार की मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना यूपी के किसानों को 6% ब्याज पर 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालिक ऋण प्रदान करती है।

UP Krishak Samriddhi Yojana | मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना |

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
साक्षी गुप्ता, लखनऊ। UP Krishak Samriddhi Yojana | यूपी के किसानों के लिए योगी सरकार की 'मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना' वरदान की तरह है। ये सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि किसानों के पसीने की कमाई को बढ़ाने और खेती को नए दौर में ले जाने का एक मजबूत सहारा है।
इससे किसानों को नया ट्रैक्टर लेने, खेत में बोरिंग करवाने, सोलर पंप लगाने या पशुपालन का दायरा बढ़ाने के लिए पैसों की तंगी से नहीं गुजरना होगा।
बल्कि इन सभी कामों के लिए सरकार 6 प्रतिशत ब्याज पर लोन देगी। आसान शब्दों में कहें तो, यह योजना आपके खेती-बाड़ी के हर बड़े सपने को बिना किसी भारी आर्थिक बोझ के पूरा करने की एक पक्की और भरोसेमंद गारंटी है। आइये जानते हैं, इस योजना के बारे में विस्तार से...
क्या है मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना?
योगी सरकार किसानों को कर्ज के बोझ से मुक्ति दिलाने, कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
इसी क्रम में ही यह योजना लॉन्च की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की घोषणा की थी, जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की ओर से किसानों को कम ब्याज पर लोन दिया जाता है।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की पात्रता
- योजना का लाभ लेने के लिए किसान को उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है।
- प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसान (1 से 2 हेक्टेयर तक की भूमि वाले) इसके लिए पात्र हैं।
- आवेदक के नाम पर खेती योग्य वैध भूमि का खसरा/खतौनी होना अनिवार्य है।
- आवेदक ने पूर्व में बैंक से लिए गए किसी ऋण में डिफॉल्ट न किया हो।
ऋण पर 5 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण सिर्फ छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से दिया जाएगा। राज्य सरकार ऋणों पर पांच प्रतिशत अनुदान देगी। यह अनुदान उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो निर्धारित अवधि के अंदर किस्तें अदा कर रहे हैं।
बता दें कि नाबार्ड उच्च ब्याज दर (11 से 11.50 प्रतिशत) पर ऋण देता है, जिसका भुगतान कई बार किसान नहीं कर पाते थे। ऐसे में प्रस्तावित योजना के अंतर्गत लघु किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण छह प्रतिशत रियायती वार्षिक ब्याज की दर से दिया जाएगा।
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योजना के मुख्य लाभ एवं विशेषताएं
- योजना के तहत किसानों को केवल 6% की रियायती वार्षिक ब्याज दर पर कृषि ऋण दिया जाएगा। (पहले यह ब्याज दर 11% से 11.5% तक हुआ करती थी)।
- समय पर ऋण की किस्तें चुकाने वाले किसानों को राज्य सरकार द्वारा 5% का ब्याज अनुदान मिलेगा।
- इस योजना के तहत पात्र किसान 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण ले सकते हैं।
- यह ऋण 3 वर्ष से लेकर 15 वर्ष तक की अवधि (दीर्घकालीन) के लिए प्रदान किया जाता है।
- यह लोन मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड (UPSGVB) के माध्यम से वितरित किया जा रहा है।
योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
- आवेदक का आधार कार्ड
- वर्तमान फसल वर्ष की खसरा, खतौनी या किसान बही की प्रति
- राशन कार्ड / निवास प्रमाण पत्रबैंक पासबुक की छायाप्रति (जिसमें खाते का आईएफएससी कोड स्पष्ट हो)
- पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ: आवेदक की 2 नवीनतम फोटो
- केवाईसी फॉर्म व आवेदन पत्र (बैंक शाखा से प्राप्त) 2 गवाहों के दस्तावेज (स्थानीय पहचान हेतु)
योजना के लिए कैसे करें आवेदन
योजना का लाभ लेने के लिए दो तरीके हैं। आप ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके अपना सकते हैं।
ऑफलाइन आवेदन: नजदीकी उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की शाखा में जाएं। वहां से 'ऋण आवेदन फॉर्म' लें। फॉर्म भरकर जमीन के दस्तावेज और अन्य कागजात बैंक में जमा करें।
ऑनलाइन आवेदन: सरकार इसके लिए ई-पोर्टल (e-Portal) भी उपलब्ध करा रही है। आधिकारिक पोर्टल पर आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद मांगी गई व्यक्तिगत, बैंक और भूमि से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। योजना के लिए अप्लाई हो जाएगा।
पांच साल से अधिक ऋण अवधि का विकल्प
‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’ उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से चलाई जाएगी। बैंक द्वारा किसानों को दीर्घकालिक ऋण न्यूनतम ब्याज पर दिया जाएगा। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार ब्याज पर अनुदान देगी, जिससे खेती किसानी के लिए लिया जाने वाला यह ऋण काफी सस्ता पड़ेगा। ऋण पांच साल और उससे अधिक अवधि के लिए दिया जाएगा।
