मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना: यूपी के किसानों को मिलेगा 6 लाख का रियायती ऋण, 38 करोड़ रुपये का बजट तय
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालिक ऋण 6% वार्षिक ब्याज पर देने को मंजूरी दी है।

HighLights
लघु एवं सीमांत किसानों को 6 लाख तक का ऋण।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत 6% ब्याज दर।
किसानों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु 5% अनुदान भी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश-2047 का लक्ष्य पाने के लिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था की गति बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लघु एवं सीमांत किसानों के लिए दीर्घकालिक ऋण की विशेष सुविधा देने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृत दी गई।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण सिर्फ छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से दिया जाएगा। राज्य सरकार ऋणों पर पांच प्रतिशत अनुदान देगी। यह अनुदान उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो निर्धारित अवधि के अंदर किस्तें दे रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर बढ़ेगा रोजगार
सरकार ने माना है कि रियायती ब्याज दर पर ऋण प्राप्त होने से लघु एवं सीमांत किसान ऋण माफी की मानसिकता से बाहर निकलकर दीर्घकालीन पूंजी निवेश कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित होंगे। स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहकारिता विभाग के युवा सहकार सम्मेलन और यूपी कोआपरेटिव एक्सपो-2025 में 21 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की घोषणा की थी। यह ऋण उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की ओर से किसानों को दिया जाता है।
नाबार्ड उच्च ब्याज दर (11 से 11.50 प्रतिशत) पर ऋण देता था, जिसका भुगतान कई बार किसान नहीं कर पाते थे। प्रस्तावित योजना के अंतर्गत लघु किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण छह प्रतिशत रियायती वार्षिक ब्याज की दर से दिया जाना है।
