यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी: अब 50 हजार नहीं, 3 लाख रुपये तक का मिलेगा दुर्घटना बीमा कवर
बहुद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (एम-पैक्स) के सदस्य किसान अब जनता दुर्घटना बीमा योजना के तहत 50 हजार रुपये के बजाय तीन लाख रुपये तक का बीमा करा सकेंगे।

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
एम-पैक्स सदस्य किसानों को मिलेगा 3 लाख रुपये तक का बीमा।
पहले यह बीमा राशि केवल 50 हजार रुपये तक सीमित थी।
वार्षिक प्रीमियम 56 रुपये में एक करोड़ किसान होंगे लाभान्वित।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बहुद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (एम-पैक्स) के सदस्य किसान अब जनता दुर्घटना बीमा योजना के तहत तीन लाख रुपये तक की बीमा करा सकेंगे। पहले इस बीमा की अधिकतम राशि 50 हजार रुपये थी।
किसान अपनी सुविधा के अनुसार 50 हजार, एक लाख, डेढ़ लाख, दो लाख, ढाई लाख और तीन लाख रुपये तक की बीमा पालिसी ले सकेंगे। तीन लाख रुपये का बीमा कराने पर प्रत्येक वर्ष 56 रुपये प्रीमियम देना होगा। योजना का लाभ एम-पैक्स के लगभग एक करोड़ सदस्य किसान उठा सकते हैं।
आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता कुमार प्रशांत ने बीमित राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये करने का आदेश जारी कर दिया है। सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने बताया है कि इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी की जनता दुर्घटना बीमा योजना 2018 से लागू है, जिसमें पैक्स के सदस्य किसानों को 50 हजार रुपये का बीमा मिलता रहा है।
अब बीमा धनराशि को बढ़ाकर तीन लाख रुपये किया गया है। पैक्स से ऋण लेने वाले अधिकांश किसान इस बीमा योजना से जुड़े हैं, जबकि ऋण न लेने वाले सदस्य किसान भी इसका लाभ उठा सकते हैं।
योजना के तहत 50 हजार रुपये की बीमित राशि के लिए 9.40 रुपये वार्षिक प्रीमियम निर्धारित है। एक लाख रुपये की बीमित राशि के लिए 18.80 रुपये, डेढ़ लाख रुपये के लिए 28.10 रुपये, दो लाख रुपये के लिए 37.40 रुपये, ढाई लाख रुपये के लिए 46.75 रुपये तथा तीन लाख रुपये की बीमित राशि के लिए 56 रुपये वार्षिक प्रीमियम देना होगा।
दुर्घटना में बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर बीमित राशि का 100 प्रतिशत, पूर्ण विकलांगता पर भी 100 प्रतिशत और आंशिक विकलांगता पर 50 प्रतिशत बीमा राशि का भुगतान किए जाने की व्यवस्था है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय एम-पैक्सों से जुड़े किसानों की संख्या लगभग एक करोड़ है। वर्तमान में इस योजना से पैक्स से ऋण लेने वाले लगभग आठ लाख किसान आच्छादित हैं। बीमा राशि बढ़ने से अन्य किसान भी तेजी से इस योजना से जुड़ेंगे।
