अब विदेश में बैठकर भी अपने गांवों की सूरत बदल सकेंगे प्रवासी भारतीय, NRI पोर्टल को लेकर सरकार ने दिया बड़ा अपडेट
उत्तर प्रदेश सरकार विदेश में बसे लोगों को अपनी माटी से जोड़ने वाली 'मातृभूमि योजना' का डिजिटल माध्यमों से प्रचार ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
मातृभूमि योजना का डिजिटल माध्यमों से होगा प्रचार-प्रसार।
एनआरआइ पोर्टल पर योजना की विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी।
व्यक्ति 60% अंशदान कर गांवों के विकास में भागीदार बन सकते हैं।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार विदेश में बसे लोगों को अपनी माटी से जोड़ने के लिए ‘मातृभूमि योजना’ का प्रचार-प्रसार डिजिटल माध्यमों से करेगी। इसके लिए भारत सरकार द्वारा संचालित एनआरआइ पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।
पंचायती राज विभाग ने इस योजना की विस्तृत जानकारी एनआरआइ पोर्टल पर डालने के लिए भारत सरकार को पत्र लिखा है। सभी जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे ग्राम स्तर पर इस योजना का प्रचार करें।
योजना की विस्तृत जानकारी शामिल कराई
निदेशक पंचायती राज अमित कुमार सिंह ने एनआरआइ पोर्टल के माध्यम से मातृभूमि योजना का प्रचार प्रसार करने के भारत सरकार को पत्र लिखा है। बताया है कि हाल ही में इंवेस्ट यूपी के पोर्टल पर भी इस योजना की विस्तृत जानकारी शामिल कराई गई है, ताकि देश के विभिन्न शहरों व विदेश में बसे प्रदेश के लोगों तक योजना की जानकारी पहुंच सके।
यह भी पढ़ें- लखनऊ से शुरू होगा कश्मीर का सुहाना सफर: IRCTC के 'जन्नत-ए-कश्मीर' पैकेज में करें श्रीनगर-सोनमर्ग और गुलमर्ग की सैर
योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था प्रदेश के किसी भी गांव में विकास कार्य कराने में सहभागी बन सकती है। इच्छुक व्यक्ति अथवा संस्था को परियोजना की कुल लागत का 60 प्रतिशत अंशदान करना होता है, शेष 40 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार वहन करती है।
यह भी पढ़ें- यूपी में अब सोलर रूफटॉप के लिए बैंक से मिलेगा लोन, योगी सरकार ने जारी किया आदेश
दानकर्ता के प्रस्ताव पर परियोजना के शिलापट्ट पर नाम दर्ज किए जाने की व्यवस्था है। इच्छुक व्यक्ति व संस्थाएं मातृभूमि योजना के पोर्टल mbhumi.upprd.in के माध्यम से आवेदन एवं योजना से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
