रोवर से होगी यूपी में जमीनों की सटीक पैमाइश, 350 तहसीलों और 10 निकायों में सर्वेक्षण शुरू
उत्तर प्रदेश में अब जमीन की पैमाइश पारंपरिक तरीकों से हटकर डिजिटल रोवर तकनीक से की जा रही है। राजस्व ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
यूपी में जमीन की पैमाइश अब डिजिटल रोवर तकनीक से।
350 तहसीलों और 10 शहरी निकायों में सर्वेक्षण शुरू।
सटीकता 1-5 सेमी, मानवीय त्रुटि कम, जीआईएस एकीकरण।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में जमीन की पैमाइश और सीमांकन की प्रक्रिया अब जंजीर-फीते के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर डिजिटल तकनीक पर आधारित हो रही है। राजस्व विभाग ने 350 तहसीलों में रोवर से फील्ड सर्वेक्षण शुरू करा दिया है। साथ ही, 10 शहरी स्थानीय निकायों को नक्शा परियोजनाओं में इस्तेमाल के लिए 143 रोवर दिए गए हैं।
राजस्व परिषद की आयुक्त व सचिव कंचन वर्मा के मुताबिक हरदोई स्थित केटीएस (चकबंदी प्रशिक्षण केंद्र) में दो रोवर लगाए गए हैं। वहीं लेखपाल प्रशिक्षण संस्थानों के लिए खरीदे गए नौ रोवर से प्रशिक्षण का कार्य पूरा कराया जा चुका है। इससे राजस्व कर्मियों को नई तकनीक के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
जीएनएसएस रोवर उपग्रहों से मिलने वाले सिग्नल के आधार पर जमीन के किसी बिंदु की स्थिति निर्धारित करता है। नेटवर्क से जुड़ने पर इससे करीब एक से पांच सेंटीमीटर तक की सटीकता हासिल की जा सकती है। पैमाइश में मानवीय चूक की संभावना कम होगी और सर्वेक्षण के आंकड़ों को जीआइएस और भूमि रिकॉर्ड प्रणालियों से जोड़ा जा सकेगा।
