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उत्तर प्रदेश में प्राइवेट कर्मचारियों को बड़ी राहत, मनमाने ढंग से छंटनी नहीं कर सकेंगी निजी कंपनियां

Published: Tue, 27 Oct 2026 10:09 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में अब 300 या अधिक श्रमिकों वाले उद्योगों को छंटनी, काम बंद करने या ले-ऑफ से पहले सरकार की अनुमति लेनी होगी, जिससे कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. 300+ श्रमिकों वाली कंपनियों को छंटनी से पहले सरकारी अनुमति अनिवार्य।

  2. पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को ₹15,000 तक प्रोत्साहन मिलेगा।

  3. नई श्रम संहिताओं से श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अब 300 या उससे अधिक श्रमिकों वाले उद्योगों को कर्मचारियों की छंटनी, काम बंद करने या ले-आफ से पहले सरकार की अनुमति लेनी होगी। वहीं, पहली बार नौकरी पाने वाले पात्र युवाओं को 15 हजार रुपये तक प्रोत्साहन मिलेगा।

नई श्रम संहिताओं के तहत श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और उद्योगों के लिए नियमों का पालन आसान बनाने पर जोर दिया गया है। सोमवार को श्रम संवाद-2026 के समापन पर अधिकारियों ने इन प्रविधानों की जानकारी दी और उद्योगों की शंकाओं का समाधान किया।

योजनाओं से परिवार को भी जोड़ा जा रहा

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग की ओर से राजधानी में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में श्रम व सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी ने कहा कि श्रमिकों का कल्याण और उद्योगों को कारोबार में आसानी देना, दोनों जरूरी हैं। सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए काम कर रही है।

तकनीकी सत्रों में बताया गया कि चारों श्रम संहिताओं में सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन, नियुक्ति पत्र और अतिरिक्त काम के लिए दोगुनी दर से भुगतान का प्रविधान है। नौकरी छोड़ने या सेवा समाप्त होने पर अंतिम वेतन दो दिन में देना होगा। एक वर्ष की सेवा पूरी करने वाले निश्चित अवधि के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी भी मिलेगी।

कार्यस्थल पर घंटे निर्धारित

गिग और प्लेटफार्म श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने की व्यवस्था की गई है। छंटनी होने पर श्रमिकों को दोबारा काम सीखने में मदद देने के लिए 15 दिन के वेतन के बराबर राशि पुन: कौशल विकास कोष में जमा करना है। कार्यस्थलों पर काम के घंटे प्रतिदिन आठ और सप्ताह में 48 घंटे निर्धारित किए गए हैं।

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले पात्र कर्मचारियों को 15 हजार रुपये तक और अतिरिक्त नियुक्तियां करने वाले नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी तीन हजार रुपये प्रतिमाह तक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कार्यक्रम में 300 प्रतिभागी शामिल हुए।

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