यूपी को तकनीकी हब बनाने की कवायद तेज, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स में बढ़ेंगे निवेश व रोजगार के अवसर
उत्तर प्रदेश सरकार एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश-रोजगार बढ़ाने पर जोर।
परियोजनाओं की मंजूरी और प्रोत्साहन राशि जारी करने के निर्देश।
युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र में निवेश और रोजगार बढ़ाने की तैयारी तेज होगी। सरकार आईटी, इलेक्ट्रानिक्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डाटा सेंटर और स्टार्टअप क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं को गति देगी।
बुधवार को योजना भवन में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में निवेश प्रस्तावों की मंजूरी, प्रोत्साहन राशि जारी करने और परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए। आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नीतियों और योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि तय समय सीमा में उनका लाभ निवेशकों और कंपनियों तक पहुंचाया जाए।
नई पहल और प्रोत्साहन योजनाओं को भी जल्द अंतिम रूप देकर लागू करने को कहा। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र के विस्तार के साथ युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ाने व प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तकनीकी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने आइटी नीति, इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग नीति, सेमीकंडक्टर नीति, डाटा सेंटर नीति और स्टार्टअप नीति के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) से जुड़े प्रविधानों की स्थिति भी परखी गई।
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