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एक्सप्रेसवे व MSMI को बढ़ावा देकर UP बन रहा औद्योगिक प्रदेश, सीलिंग और भवन ढहाने की कार्रवाई का विरोध

Published: Sat, 04 Jul 2026 09:03 AM (IST)

उत्तर प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर लीडरशिप समिट 2026 में प्रदेश के औद्योगिक विकास और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया गया। हालांकि, अलीगंज ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

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HighLights

  1. यूपी इंफ्रास्ट्रक्चर समिट में औद्योगिक विकास पर जोर दिया गया।

  2. अलीगंज हादसे के बाद सीलिंग कार्रवाई का निवेशकों ने विरोध किया।

  3. सुरक्षा मानकों पर समाधान खोजने की मांग प्रमुखता से उठी।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। औद्योगिक पार्क, लाजिस्टिक हब, डिफेंस कारिडोर, डेटा सेंटर, एक्सप्रेसवे और एमएसएमई नए उत्तर प्रदेश की पहचान बन गए हैं। अब प्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वक्ताओं ने यह दावा शुक्रवार को होटल ताज में उत्तर प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर लीडरशिप समिट एवं अवार्ड्स 2026 के सातवें संस्करण में किया। आयोजन में अलीगंज का भीषण अग्निकांड लोगों की जुबान पर रहा, निवेशकों ने सीलिंग और भवन ढहाने की कार्रवाई का कड़ा विरोध भी किया है।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि मजबूत परिवहन व्यवस्था किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ होती है। प्रदेश में आधुनिक बस टर्मिनल, इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार, डिजिटल परिवहन सेवाएं और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। बेहतर सड़क संपर्क, एक्सप्रेसवे और सार्वजनिक परिवहन निवेश, उद्योग और पर्यटन को नई गति दे रहे हैं।

औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी ने कहा कि निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, बेहतर कानून व्यवस्था और पारदर्शी नीतियां सबसे बड़ी ताकत बनी हैं। राज्यसभा सदस्य संजय सेठ ने कहा कि उत्तर प्रदेश मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कानून व्यवस्था व तेज निर्णय क्षमता के कारण देश की विकास यात्रा का अग्रणी राज्य बन चुका है।

कार्यक्रम में अलीगंज हादसे का मुद्दा छाया रहा। मानसिंह गोयल ग्रुप के चेयरमैन सर्वेश गोयल ने कहा, अलीगंज हादसा दुखद है। इसके बाद शहर में जिनके पास सेफ्टी के मानक नहीं हैं, ऐसे व्यावसायिक भवनों की सीलिंग और ढहाने की कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने दो टूक कहा, यह उपाय नहीं है, बल्कि समस्या का निदान खोजना चाहिए। यदि ऐसे ही भवन सील होते रहे तो पूरा शहर सील हो जाएगा। प्रशासन को चाहिए कि जहां पर सेफ्टी के मानक नहीं हैं, उनको पूरा कराए। व्यवसायी खुद अफसरों को बुलाकर अपने व्यावसायिक भवन, दुकान, अपार्टमेंट, होटल आदि की सेफ्टी आडिट कराएं। इसमें भी वसूली का खतरा बढ़ सकता है, लेकिन ईमानदारी दोनों ओर दिखानी होगी। हमारे लिए एक-एक जान महत्वपूर्ण है।

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समारोह में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ संजय टार्डे ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की महाकुंभ में सुरक्षा पर विस्तार से जानकारी दिया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उद्योगपति विनम्र अग्रवाल ने कहा, उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति के लिए बिजली अत्यंत आवश्यक है। पर्यटन के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि नौ साल में यूपी पूरी तरह से पर्यटन हब बन गया है।

यूपी स्टेट काउंसिल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आरके शरण, स्वास्थ्य विशेषज्ञ डा. अमित कुमार घोष, क्रेडाई यूपी अध्यक्ष शोभित मोहन दास के साथ अजय ठाकुर, कपिल वीग, संदीप मारवा, संजय भंडारी, बलवीर झा, आइपीएस बब्लू कुमार समेत कई अफसरों ने संबोधित किया। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले संस्थानों व उद्योगों को इंफ्रास्ट्रक्चर लीडरशिप अवार्ड्स 2026 से सम्मानित किया गया।