उत्तर प्रदेश में नया नियम, ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए गांव में 6 महीने रहना जरूरी
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए न्यूनतम छह माह के निवास ...और पढ़ें

सीएम योगी आदित्यनाथ। (तस्वीर- फाइल)
HighLights
न्यूनतम छह माह निवास पर ही मतदाता सूची में नाम।
यूपी कैबिनेट ने नई पंचायत राज नियमावली को दी मंजूरी।
मतदाता पंजीकरण में पारदर्शिता और एकरूपता सुनिश्चित होगी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। किसी ग्राम पंचायत में न्यूनतम छह माह से निवास कर रहे लोग ही वहां की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करा सकेंगे। ग्राम पंचायतों की निर्वाचक नामावली में साधारण निवास तय करने के लिए एक समान, स्पष्ट और विधिसम्मत व्यवस्था बनाई गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में “उत्तर प्रदेश पंचायत राज (सामान्य निवास अवधारणा) नियमावली, 2026” को स्वीकृति दी गई। यह नियमावली उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा-9 की उपधारा (3) के स्पष्टीकरण (चार) में संशोधन कर बनाई गई है। अधिनियम में पहले ‘मामूली तौर से निवासी’ का उल्लेख था, जिसे अब न्यूनतम छह माह के निवास के रूप में स्पष्ट किया गया है।
नियमावली के अनुसार पंचायत चुनाव के लिए व्यक्ति जिस स्थान पर रह रहा है और जीवनयापन कर रहा है, वहां की मतदाता सूची में नाम दर्ज करा सकेगा। यदि वह किसी अन्य स्थान पर न्यूनतम छह माह से रह रहा है, तो उसे पुराने निवास स्थान की मतदाता सूची से नाम हटवाना भी होगा।
हाई कोर्ट के आदेश के क्रम में साधारण निवास की अवधारणा स्पष्ट की गई है। इस बदलाव से मतदाता के निवास संबंधी मामलों में अधिकारियों को निर्णय लेने में सुविधा होगी। निर्णयों में एकरूपता और पारदर्शिता आएगी।
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