धान खरीद पर सरकार ने तैयार किया प्लान, 2 IAS समेत 5 अफसरों की टीम गठित, क्या होने जा रहे बदलाव?
उत्तर प्रदेश सरकार ने धान खरीद में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए दो आईएएस अधिकारियों सहित पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
धान खरीद समस्याओं पर 5 सदस्यीय जांच समिति गठित।
समिति में 2 आईएएस अधिकारी शामिल, 3 दिन में रिपोर्ट।
किसान पंजीकरण, श्रमिक मुद्दों, केंद्र कर्मचारियों की समीक्षा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। धान खरीद में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इसमें दो आइएएस समेत पांच अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह आनलाइन किसान पंजीयन में विसंगतियों, श्रमिक पंजीयन की समस्याओं, क्रय केंद्रों पर कर्मचारियों की कमी और खरीद शुरू होने से पहले केंद्र प्रभारियों के स्थानांतरण से पैदा दिक्कतों की समीक्षा करेगी। तीन दिन में अपनी रिपोर्ट प्रमुख सचिव आयुक्त खाद्य एवं रसद को सौंपनी है। रिपोर्ट के आधार पर धान खरीद नीति में संशोधन किया जा सकता है।
प्रमुख सचिव एवं आयुक्त खाद्य एवं रसद अनिल कुमार की ओर से गठित कमेटी में आइएएस अधिकारी कामता प्रसाद सिंह और सौम्या पाण्डेय के अलावा अपर आयुक्त (विपणन) रवि शंकर मिश्र, संभागीय खाद्य नियंत्रक आजमगढ़ राजीव कुमार मिश्र और संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी मुरादाबाद सचिन कुमार शामिल हैं।
कमेटी किसान पंजीयन में आ रही विसंगतियों की समीक्षा करने के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में छोटी मंडियों के कारण परिसर के बाहर क्रय केंद्र खोलने के अनुरोध पर भी विचार करेगी। इसके अलावा श्रमिक पंजीयन और क्रय केंद्रों पर पर्याप्त कर्मचारियों की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं के समाधान के सुझाव देगी।
इस मिलर्स को मिलने वाली छूट भी हो गई थी समाप्त
इस वर्ष धान खरीद के लिए 4500 क्रय केंद्र स्थापित करने और 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। खरीद नीति में पिछले वर्ष तैनात केंद्र प्रभारियों के केंद्र बदलने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत शासन ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों और निरीक्षकों के कार्यस्थल बदल दिए। वहीं, नीति में राइस मिलर्स को मिलने वाली छूट भी समाप्त कर दी गई थी।
खरीद शुरू होने से ठीक पहले हुए इन बदलावों से प्रक्रिया में दिक्कतें आने लगीं। यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंस्पेक्टर्स-आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अयोध्या प्रसाद, महासचिव टीएन चौरसिया ने 23 अक्टूबर को यह मुद्दा मंत्री मनोज पाण्डेय के सामने उठाया था। उन्होंने बताया कि तकनीकी समस्याओं और केंद्र प्रभारियों के स्थानांतरण से धान खरीद प्रभावित हो रही है।
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इसके बाद मंत्री ने समस्याओं की समीक्षा कर समाधान के सुझाव देने के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय का कहना है कि सरकार किसानों को उनकी उपज का मूल्य दिलाना और उनकी समस्या का समाधान लक्ष्य है। समिति की रिपोर्ट को तुरंत लागू किया जाएगा।
