छात्रों की शिकायतों पर यूपी सरकार सख्त, स्कूलों की व्यवस्थाओं पर पैनी नजर
यूपी सरकार ने छात्रों के प्रदर्शन और शिकायतों के बाद स्कूलों की व्यवस्थाओं पर सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्य सचिव ...और पढ़ें

जेन-अल्फा के प्रदर्शनों के बीच सरकार अलर्ट। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
इंटरनेट मीडिया शिकायतों की तत्काल जांच होगी।
स्कूलों में सुविधाओं, स्वच्छता पर विशेष ध्यान।
छात्रों, अभिभावकों से नियमित संवाद आवश्यक।
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जेन-जी के आंदोलन के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से जेन-अल्फा के प्रदर्शनों की खबरों के बीच प्रदेश सरकार ने भी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विद्यार्थियों की ओर से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन की खबरें सामने आ रही हैं।
इनमें कुछ मामले विद्यालयों की व्यवस्था और सुविधाओं से जुड़े हैं। इसे देखते हुए मुख्य सचिव एसपी गोयल के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
इसमें विद्यार्थियों और अभिभावकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। इंटरनेट मीडिया पर स्कूलों से जुड़ी किसी शिकायत के सामने आने पर उसकी तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। भ्रामक सूचनाओं का तथ्यों के आधार पर खंडन करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
आदेश में परिषदीय विद्यालयों में आपरेशन कायाकल्प के तहत 15 बिंदुओं की सुविधाएं, जबकि माध्यमिक विद्यालयों में प्रोजेक्ट अलंकार के कार्यों की स्थिति जांचने को कहा गया है। कंपोजिट ग्रांट के सही उपयोग, बच्चों को जूते-मोजे, किताबें व यूनिफार्म मिलने और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति भी सुनिश्चित करनी होगी। बारिश के दौरान विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर विद्यालय परिसर, शौचालय, रसोई, पेयजल, बिजली उपकरण और पेड़-पौधों की सफाई व जलभराव की समस्या दूर करने के निर्देश हैं।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में सुरक्षित वातावरण, महिला स्टाफ, भोजन, चिकित्सा सुविधा और महिला चिकित्सक से स्वास्थ्य जांच होगी। महिला अधिकारियों से इन विद्यालयों का समय-समय पर निरीक्षण कराया जाएगा। अन्य विभागों के सहयोग से स्कूलों तक सड़क, मनरेगा व पंचायत निधि से बाउंड्रीवाल और जल निकासी की व्यवस्था की जाएगी। विद्यालय भवनों के ऊपर से गुजर रहे एचटी-एलटी तारों को भी हटाया जाएगा।
यह भी पढ़ें- 'SIT रिपोर्ट में चंपत राय को क्लीनचिट कैसे मिली?' संजय सिंह बोले- सुप्रीम कोर्ट जाऊंगा
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी और एसएमसी को सक्रिय करने के साथ सफाईकर्मियों की जिम्मेदारी तय होगी। पीएम पोषण में गुणवत्तापूर्ण भोजन, विद्यार्थियों की सुरक्षा व निजता और शिक्षकों की गरिमा का ध्यान रखा जाएगा। निजी विद्यालयों को भी विद्यार्थियों की सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश हैं। शिक्षक, अभिभावक, एसएमसी और विद्यार्थियों के बीच नियमित संवाद करने को कहा गया है। बच्चों को शिक्षा के साथ खेल, कला और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।
