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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी में बारिश के मौसम में बेसमेंट की खोदाई पर लगी रोक, द‍िल्‍ली कोच‍िंग हादसे से योगी सरकार ने ल‍िया सबक

Published: Tue, 30 Jul 2024 08:14 AM (IST)

यूपी में बारिश के मौसम में बेसमेंट की खोदाई पर भी रोक रहेगी। इस संबंध में आवास एवं शहरी नियोजन ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ।- फाइल फोटो
उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ।- फाइल फोटो

HighLights

  1. पार्किंग के बजाय बेसमेंट में दूसरी गतिविधियां रोकने को भी होगी कार्रवाई
  2. विकास प्राधिकरणों को टीम गठित कर जांच कराने के दिए गए निर्देश
  3. शासन ने प्राधिकरणों से तीन दिन में कार्रवाई कर तलब की रिपोर्ट

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बेसमेंट में संचालित कोचिंग सेंटर में वर्षा का पानी भरने से दिल्ली में हुई तीन मौतों से सबक लेते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश में पार्किंग के बजाय बेसमेंट में अवैध तरीके से चल रही दूसरी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं। बारिश के मौसम में बेसमेंट की खोदाई पर भी रोक रहेगी।

इस संबंध में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के अपर मुख्य सचिव डा.नितिन रमेश गोकर्ण की ओर से सोमवार को सभी विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्षों को जारी शासनादेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि तीन दिन में कार्रवाई कर शासन को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाए।

द‍िल्‍ली की घटना से ल‍िया सबक

दरअसल, शहरों में बड़ी संख्या में ऐसे भवन हैं जिनमें बेसमेंट है। स्वीकृत मानचित्र में भले ही बेसमेंट में पार्किंग को मंजूरी दी गई हो लेकिन ज्यादातर भवनों के बेसमेंट में अवैध तरीके से दूसरी गतिविधियां चल रही हैं और गाड़ियों की पार्किंग फुटपाथ और सड़क पर की जा रही है। हाल ही में दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में हुई दुर्घटना को देखते हुए योगी सरकार ने प्रदेश में स्थित भवनों के बेसमेंट में पार्किंग के बजाय दूसरी चल रही गतिविधियों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं।

टीम गठ‍ित कर जांच के न‍िर्देश

आवास विभाग के संबंधित शासनादेश के अनुसार विकास प्राधिकरणों को बेसमेंट में अवैध तरीके से चल रही गतिविधियों पर रोक लगाने और सुरक्षा के उपायों को सुनिश्चित करने के लिए जोनल अधिकारी, सहायक अभियंता व अवर अभियंता की टीम गठित कर जांच कराने को कहा गया है। टीम को निरीक्षण के दौरान यह भी देखना होगा कि भवन का मानचित्र स्वीकृत है या नहीं। स्वीकृत मानचित्र के विपरीत तो बेसमेंट का निर्माण नहीं किया गया है। यदि किसी नए बनने वाले भवन के मानचित्र में बेसमेंट स्वीकृत है तब भी मानसून के दौरान बेसमेंट की खोदाई पर रोक रहेगी।

शासन ने प्राधिकरणों से तीन दिन में कार्रवाई कर तलब की रिपोर्ट

अपरिहार्य परिस्थितियों में खोदाई की जरूरत होगी तो सुरक्षा मानकों का पालने करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी की जान-माल का खतरा न उत्पन्न हो। मानसून के बाद भी होने वाली खोदाई में सुरक्षा उपायों का ध्यान रखना होगा। स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि यदि भविष्य में किसी तरह की कोई घटना घटती है तो उसके लिए निरीक्षण करने को गठित टीम के साथ ही प्राधिकरण के सक्षम प्राधिकारी उत्तरदायी होंगे।

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