उत्तर प्रदेश में मृतक आश्रितों की नौकरी में देरी पर सख्ती, अधिकारियों का पंजीकरण अनिवार्य
Jobs for Dependents of Deceased Employees: शासन ने छह अप्रैल को आदेश दिया था कि 31 मई 2026 के बाद ...और पढ़ें

सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को नौकरी देने की प्रक्रिया में लापरवाही अब भारी
HighLights
मानव संपदा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं होने पर संबंधित कार्यालय में नहीं कर सकेंगे आवेदन
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को दिए पंजीकरण कराने के निर्देश
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को नौकरी देने की प्रक्रिया में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को मानव संपदा पोर्टल पर तत्काल पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं।
पंजीकरण पूरा नहीं होने पर संबंधित कार्यालय में मृतक आश्रित नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। विभागीय समीक्षा में कई कार्यालयों में पंजीकरण लंबित मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने यह निर्देश जारी किए हैं।
शासन ने छह अप्रैल को आदेश दिया था कि 31 मई 2026 के बाद मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों की नियुक्ति से जुड़े सभी आवेदनों का निस्तारण मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से आनलाइन किया जाएगा। पहले भी इसे लेकर निर्देश दिए थे, बावजूद कई कार्यालयों में प्रक्रिया पूरी नहीं हुई।
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) इस व्यवस्था के लिए पोर्टल पर डीडीसीए माड्यूल शुरू कर चुका है। प्रत्येक संबंधित कार्यालय को अपनी आफिस एडमिन आइडी से प्रथम स्तर (एल-1) और मंजूरी देने वाले द्वितीय स्तर (एल-2) के अधिकारियों को नामित करना होगा। जिन कार्यालयों में नियुक्ति का अधिकार है, वहां आदेश जारी करने वाले अधिकारी का पंजीकरण भी जरूरी होगा।
इसके लिए पोर्टल के आफिस एडमिनिस्ट्रेशन मेन्यू में सर्विस/एक्टिविटी वर्क एलोकेशन विकल्प का उपयोग किया जाएगा। आवेदन संबंधित कर्मचारी के अंतिम रिपोर्टिंग कार्यालय में भेजे जाएंगे। निदेशक ने पंजीकरण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी भेजी है। निर्देश आजमगढ़ मंडल को छोड़कर सभी मंडलों के संयुक्त शिक्षा निदेशक और 54 जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को जारी किए गए हैं।
