लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। UP Government Strict Instructions:उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए सभी विक्रेताओं को एक सप्ताह के भीतर क्यूआर (क्विक रेस्पांस) कोड उपलब्ध न कराने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ.देवेश चतुर्वेदी ने सभी जिला कृषि अधिकारियों को दी। 

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों को उर्वरक संकट न झेलना पड़े, इसके लिए सभी बिक्री केंद्रों पर कैशलेस डिजिटल भुगतान प्रणाली लागू करते हुए क्यू आर कोड की सुविधा उपलब्ध करायी जानी है। फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को क्यू आर कोड उपलब्ध कराने के निर्देश गत 30 जून, 2020 को दिए गए थे। करीब सात माह बीतने के बाद भी अधिकांश जिलों में सभी उर्वरक विक्रेताओं को क्यूआर कोड उपलब्ध नहीं हो सके हैं।

डॉ.चतुर्वेदी ने जिलेवार समीक्षा करते हुए बताया कि प्रदेश में अब तक केवल बुलंदशहर, हापुड़, शाहजहांपुर, बलिया व अलीगढ़ जिलों में 75 फीसद विक्रेताओं को क्यू आर कोड प्रदान किया गया है। इसके विपरित देवरिया, बांदा, गोरखपुर, कौशांबी, लखीमपुर खीरी व मुजफ्फरनगर जिलों में 30 प्रतिशत से भी कम विक्रेताओं को क्यू आर कोड उपलब्ध कराए गए है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर शतप्रतिशत उर्वरक बिक्री केंद्रों को क्यू आर कोड उपलब्ध नहीं कराए तो कार्रवाई होगी। 

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप