लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में सुधरती रिकवरी दर को लेकर तो सरकार संतुष्ट है, लेकिन लखनऊ और कानपुर को लेकर चिंता बनी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रिकवरी दर 87 फीसद से भी अधिक हो जाने पर संतोष जताते हुए बचाव और उपचार की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर कोरोना संक्रमण को लेकर टीम 11 के साथ समीक्षा बैठक की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि कोरोना मरीजों की रिकवरी दर 87 फीसद से अधिक हो चुकी है, जो कि देश की दर से तीन फीसद ज्यादा है। इस पर सीएम योगी ने संतोष जताया और कहा कि कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने निर्देश दिए कि इस पर और अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए काम करें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ और कानपुर नगर की स्थिति के संबंध में इन जिलों के नोडल अधिकारियों क्रमश: अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि इन जिलों में संक्रमण को नियंत्रित करने की कार्यवाही प्रभावी ढंग से जारी रखी जाए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग और मुख्य सचिव आरके तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

धान बेचने वाले किसान को 72 घंटे में मिल जाए पैसा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धान क्रय केंद्रों पर सभी आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि धान बेचने वाले किसान के खाते में प्रत्येक दशा में धनराशि 72 घंटे में पहुंच जाए। उन्होंने धान क्रय केंद्रों पर जिला प्रशासन के सहयोग से कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना के भी निर्देश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंतर्गत अधिक से अधिक काम हो, जिससे उत्तरप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर रहे।

 

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