लखनऊ, जेएनएन। यूपी में अब एसआइटी (SIT) को अब एसएसआइटी (SSIT) के नाम से जाना जाएगा। सोमवार को उत्‍तर प्रदेश सरकार द्वारा विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का नाम बदलकर राज्य विशेष अनुसंधान दल (एसएसआइटी) उत्तर प्रदेश किये जाने का निर्णय लिया गया है। इसे अब स्‍टेट स्‍पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के नाम से जाना जाएगा। पहले इसे स्‍पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के नाम से जाना जाता था। यूपी सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग ने यह जानकारी दी है।

यूपी पुलिस के विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) के नाम को लेकर होने वाले भ्रम को दूर करने के लिए सरकार ने उसका नाम बदलकर राज्य विशेष अनुसंधान दल उप्र कर दिया है। एसआइटी यूपी के गठन के लगभग 15 वर्षों बाद उसका नाम बदला गया है। ऐसा किसी बड़ी घटना के बाद जोन, रेंज व जिला स्तर पर मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम के नाम को लेकर होने वाले भ्रम को दूर करने के लिए किया गया है।

एसआइटी यूपी ने योगी सरकार 2.0 की 100 दिनाें की कार्ययोजना में इसका प्रस्ताव शासन को भेजा था।पूर्ववर्ती मायावती सरकार में जून, 2007 को प्रभावशाली व्यक्तियों व लोक सेवकों के विरुद्ध निष्पक्ष तथा प्रभावी जांच के लिए यूपी पुलिस की विशेष शाखा एसआइटी का गठन किया गया था। बीते कुछ वर्षों में किसी घटना के बाद स्थानीय स्तर पर गठित जांच टीम को भी एसआइटी के नाम से संबोधित किया जाता रहा है।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार स्थानीय स्तर पर जांच के लिए कुछ अधिकारियों की टीम गठित किए जाने के बाद उसे स्पेशल इंक्वायरी टीम (एसईटी) न कहकर एसआइटी ही कहा जाता था। कई बार कोर्ट भी जोन, रेंज अथवा जिला स्तर पर गठित एसआइटी को पुलिस के विशेष अनुसंधान दल समझकर उससे जवाब तलब कर लेता था। ऐसी दुविधाओं को दूर करने के लिए सरकार ने अब एसआइटी को एसएसआइटी यूपी का नाम दे दिया है।

बता दें क‍ि एसआईटी सरकार की एक विशेष जांच एजेंसी है जिसे किसी विशेष मामले की जांच के लिए नियुक्त किया जाता है। यदि मौजूदा एजेंसी मामले मे उचित जांच करने मे सक्षम नही है या मामला कुछ उच्च प्रोफाइल वाले लोगों के खिलाफ हैं तो आम तौर पर इसे नियुक्त किया जाता है। 1984 के सिख दंगा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एसआइटी का गठन किया। सुप्रीम कोर्ट आमतौर पर अक्सर बड़े केस में एसआइटी का गठन करता है।

Edited By: Prabhapunj Mishra

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