लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कदम बढ़ाया है। आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के क्रियान्वयन के लिए आदेश जारी हो गया है। इसके तहत केंद्र व राज्य सरकार की कृषि योजनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जाएगा। सूबे की सरकार वित्तीय वर्ष 2021-22 में 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी, साथ ही अगले वर्षों में इतनी ही धनराशि हर साल खर्च करने की तैयारी है।

कृषि व इससे जुड़े विभाग उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, गन्ना, दुग्ध विकास, मत्स्य, पशुधन व मंडी परिषद से सामंजस्य बनाकर हर ब्लाक में कृषि उत्पादक संगठन (एफपीओ) तैयार करके अवस्थापना सुविधा बढ़ाई जाएंगी। कृषि उत्पादन को देखते हुए प्रदेश को नौ एग्रो क्लाईमेटिक जोन में बांटा गया है, हर जोन में अधिक उत्पादकता वाली फसलों को चिन्हित किया जाएगा। चयनित फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए नई तकनीक व निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। उत्पादों का मूल्य बढ़वाने व उनके लिए बाजार का विकास होगा। ऐसे ही एफपीओ की व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

पांच साल में 1000 एफपीओ होंगे गठित : केंद्र सरकार 10 हजार एफपीओ गठित कर रही है, इसमें से 200 एफपीओ बनाने का लक्ष्य प्रदेश को मिलने की उम्मीद है, इसी संख्या में अगले पांच वर्ष में 1000 एफपीओ गठित होंगे। उनके गठन, संचालन व प्रबंधन पर 43 लाख रुपये प्रति एफपीओ खर्च होंगे। अपर मुख्य सचिव कृषि डा. देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि हर ब्लाक में एक एफपीओ गठित किए जा रहे हैं, ये प्रयास अगले तीन वर्ष तक जारी रहेगा और 1475 एफपीओ गठित करके उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन का नोडल विभाग कृषि होगा और 14.75 लाख शेयर होल्डर किसानों को सीधा लाभ मिल सकेगा।

कृषि अवस्थापना के लिए ऋण देने में ब्याज में छूट : केंद्र सरकार ने कृषि अवस्थापना निधि स्थापित की है। निधि के तहत कृषि सुविधाओं को विकसित करने के लिए मिलने वाले ऋण के ब्याज पर तीन प्रतिशत की छूट मिलेगी। प्रदेश को 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश कृषि सेक्टर की अवस्थापना के लिए किया गया है। इसके क्रियान्वयन के लिए सहकारिता विभाग प्रोजेक्ट मानीटरिंग यूनिट गठित करेगा। कृषि सहकारी समिति यानी पैक्स गांव स्तर पर कृषि अवस्थापना के लिए ऋण लेने पर चार प्रतिशत ब्याज देना होता है, अब तीन प्रतिशत ब्याज में छूट सात वर्ष तक मिलने से वास्तविक ब्याज एक प्रतिशत रह जाएगा, जो चुकाना संभव होगा। पैक्स के माध्यम से करीब 22.50 लाख किसानों को लाभ मिल सकेगा। इसी तरह से कृषक उद्यमियों व मंडी समिति को प्रोत्साहित किया जाएगा।

Edited By: Umesh Tiwari