लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की फर्स्ट तथा सेकेंड स्ट्रेन पर प्रभावी नियंत्रण के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने थर्ड स्ट्रेन से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि थर्ड स्ट्रेन का बच्चों पर सर्वाधिक असर होगा। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के हर जिलों में बच्चों के लिए अलग आइसीयू यूनिट तैयार कराने के साथ ही उनको थर्ड स्ट्रेन से बचाने के लिए किट भी तैयार करवा ली है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कोरोना वायरस संक्रमण की थर्ड स्ट्रेन से बच्चों को बचाने के लिए बड़े अभियान का आगाज किया। उन्होंने इस अवसर पर बच्चों को बड़ी सौगात दी। उन्होंने बच्चों को थर्ड स्ट्रेन के बचाव की दवा किट के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर 75 जिलों की ओर रवाना किया। योगी आदित्यनाथ सरकार ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए अभी से कमर कस ली है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास से किट की खेप को जिलों से लिए रवाना किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव वाली दवा की किट जिलों को भेजी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों और किशोरों को संक्रमण से बचाने के लिए दवाओं की किट जिलों को रवाना की है। उन्होंने अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग से बच्चों की दवा की किट वाली गाडिय़ों को हरी झंडी दिखाकर जिलों के लिए रवाना किया। इन गाडिय़ों में बच्चों को थर्ड स्ट्रेन से बचाने के लिए अभी 17 लाख दवाओं की किट जिलों को भेजी गई हैं। आगे 33 लाख दवाओं की किट और भेजी जाएंगी। प्रदेश के 75 जिलों में कुल 50 लाख किट भेजी जानी हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड -19 की संभावित तृतीय लहर से बचाव के लिए सभी जरूरी प्रबंध हो रहे हैं। इसी कड़ी में 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए घर-घर मेडिकल किट वितरण का विशेष कार्यक्रम आज से प्रारंभ किया गया है। यह अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। नवजात ने दो वर्ष तक, दो से चार वर्ष तथा चार से छह वर्ष के बच्चों के लिए मेडिकल किट वितरण का कार्यक्रम आज से प्रारंभ किया गया है। अब जिलों में प्रभारी मंत्रीगण वहां पर सभी निगरानी समितियों को दवाई-किट प्रदान कराएं। निगरानी समितियां जब दवाई-किट दें तो लाभार्थी का नाम-पता फोन नम्बर आदि विवरण भी प्राप्त करें। इसके साथ ही सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से लाभाॢथयों से संपर्क कर बच्चों की सेहत की जानकारी ली जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के लिए घर-घर मेडिकल किट वितरण का विशेष अभियान सुचारू रूप से संचालित किया जाए। पहले 50 लाख से अधिक बच्चों को नि:शुल्क दवाई किट वितरित की जाएगी। 18 वर्ष से कम आयु के कोविड-19 के लक्षण युक्त बच्चों को चार वर्ग (0-1 वर्ष, 1-5 वर्ष, 5-12 वर्ष तथा 12-18 वर्ष) में विभाजित किया गया है। प्रत्येक वर्ग के लिए अलग-अलग प्रकार की दवाई किट तैयार की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से ही हम अच्छा प्रदर्शन कर पाए : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि कोरोना वायरस से जान गंवाने वालों को हमारी श्रद्धांजलि। हम उत्तर प्रदेश में अब तीसरी लहर से निपटने की तैयारी कर रहे हैं। इस दौरान कई जिलों में कोरोना केस आने ही बंद हो गए, लेकिन हम सेकेंड स्ट्रेन को लेकर अभी भी काफी सजग हैं। हमने प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के दोनों स्ट्रेन को तेजी से कंट्रोल किया है। यह तो सर्वविदित है कि टीम वर्क से हर लड़ाई जीती जा सकती है। इसी कारण हमको भी बेहतरीन प्रबंधन से कामयाबी मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से ही हम अच्छा प्रदर्शन कर पाए। इसी कारण यूपी का मॉडल देश-दुनिया के सामने है।

उन्होंने कहा कि अब हम कोरोना वायरस संक्रमण की थर्ड स्ट्रेन से लडऩे की तैयारी कर रहे हैं। इसी कारण प्रदेश में हर मेडिकल कॉलेज तथा जिला अस्पतालों में बच्चों के आइसीयू (पीकू) वार्ड तेजी से स्थापित हो रहे हैं। थर्ड वेव को लेकर निगरानी समितियां अच्छा काम कर रही हैं। इनके साथ ही आंगनबाड़ी व आशा वर्कर ने अच्छा काम किया है। हमारी तरफ से सभी कोरोना योद्धाओं का अभिनंदन है। अब आज ग्रामीण क्षेत्र भी सुरक्षित हैं। इसी कारण हमने बच्चों के लिए भी वैक्सीन आने से पहले दवा की किट की व्यवस्था की है। कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने के हमारे प्रयास की डब्ल्यूएचओ तथा नीति आयोग ने सराहना की है। अब प्रदेश के 19 जिलों में कोई नया मामला नहीं है।

इस दौरान उनके साथ प्रदेश के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह, राज्य मंत्री अतुल गर्ग व संदीप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी तथा अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद भी मौजूद थे।  

Edited By: Dharmendra Pandey